नालंदा। बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड में तैनात प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO) अनुष्का कुमारी को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। महिला अधिकारी द्वारा एक विकास योजना की फाइल आगे बढ़ाने के बदले पैसे की मांग की जा रही थी।

​विकास कार्य के बदले मांगी गई थी कमीशन

​पूरा मामला नगरनौसा प्रखंड के खपुरा गांव से जुड़ा है। गांव के निवासी अजय कुमार ने विजिलेंस विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके गांव में छठ घाट की सीढ़ी निर्माण की एक सरकारी योजना स्वीकृत होनी थी। इस योजना को सुचारू रूप से शुरू करने, संबंधित फाइल को स्वीकृति देने और कागजी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के नाम पर बीपीआरओ अनुष्का कुमारी लगातार रिश्वत का दबाव बना रही थीं। काफी मिन्नतें करने के बाद भी जब अधिकारी बिना पैसे काम करने को तैयार नहीं हुईं, तो पीड़ित ने कानून की शरण ली।

​निगरानी विभाग का जाल और गिरफ्तारी

​अजय कुमार की शिकायत पर निगरानी विभाग ने प्रारंभिक जांच की और आरोपों को सही पाया। इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते ने एक विशेष टीम का गठन किया। योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। जैसे ही अजय कुमार रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 12 हजार रुपए लेकर अनुष्का कुमारी के पास पहुंचे और उन्हें पैसे थमाए, वैसे ही सादे लिबास में तैनात विजिलेंस की टीम ने धावा बोल दिया।

​अधिकारियों में हड़कंप

​महिला अधिकारी को उनके कार्यालय/आवास परिसर से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे प्रखंड मुख्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। विजिलेंस की टीम गिरफ्तार बीपीआरओ को अपने साथ पटना ले गई है, जहां उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी। यह गिरफ्तारी उन अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो विकास कार्यों में बाधा डालकर निजी लाभ की ताक में रहते हैं।