वीरेंद्र कुमार/नालंदा। बिहारशरीफ मुख्यालय के कचहरी रोड स्थित एसएस बालिका उच्च विद्यालय में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब मैट्रिक परीक्षा के एडमिट कार्ड वितरण के दौरान छात्राओं ने स्कूल प्रबंधन पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। दर्जनों छात्राओं का कहना है कि एडमिट कार्ड लेने के लिए उनसे 60 रुपये मांगे गए, जबकि बोर्ड की ओर से एडमिट कार्ड पूरी तरह निःशुल्क होते हैं।

छात्राओं का फूटा गुस्सा

छात्राओं के अनुसार, शुल्क को लेकर न तो पहले कोई सूचना दी गई थी और न ही पैसे के बदले कोई रसीद दी जा रही थी। छात्राओं ने सवाल उठाया कि जब जिले के अन्य स्कूलों में एडमिट कार्ड मुफ्त बांटे जा रहे हैं, तो उनके स्कूल में पैसे क्यों लिए जा रहे हैं। इस बात को लेकर छात्राएं आक्रोशित हो गईं और विद्यालय परिसर में हंगामा शुरू हो गया।

दूर-दराज से आई छात्राओं की परेशानी

कई छात्राओं ने बताया कि वे दूर-दराज के इलाकों से किराया जुटाकर स्कूल पहुंचीं थीं। ऐसे में अचानक 60 रुपये की मांग उनके लिए बड़ी परेशानी बन गई। कुछ छात्राओं को घर से पैसे मंगवाने पड़े, जबकि कुछ बिना एडमिट कार्ड लिए ही लौटने को मजबूर हो गईं।

प्राचार्य ने आरोपों को किया खारिज

मामले पर विद्यालय के प्राचार्य अभय कुमार ने सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्रा से जबरन पैसा नहीं लिया गया। उनके अनुसार, कुछ छात्राओं ने मोटे कागज पर रंगीन प्रिंट की मांग की थी, जो पूरी तरह वैकल्पिक सुविधा थी। जो छात्राएं पैसा नहीं देना चाहती थीं, उन्हें सामान्य एडमिट कार्ड मुफ्त में दे दिया गया।

अब भी बना हुआ है बड़ा सवाल

हालांकि सवाल यह है कि जब एडमिट कार्ड मुफ्त हैं, तो बिना पूर्व सूचना वैकल्पिक सुविधा के नाम पर शुल्क लेने की जरूरत क्यों पड़ी? यही बात छात्राओं के गुस्से की मुख्य वजह बनी और मामला अब जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है।