नालंदा। शहर की पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोर गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी का 132.68 ग्राम सोना, 23.39 लाख रुपये नकद, एक केटीएम बाइक और चोरी में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक औजार बरामद किए हैं।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
घटना लहेरी थाना क्षेत्र के शिवपुरी भैसासुर मोहल्ले की है, जहां 26 फरवरी को अविनाश कुमार के बंद घर को निशाना बनाया गया था। पीड़ित परिवार ने लगभग 73 लाख रुपये के जेवरात और नकदी की चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। नालंदा एसपी भारत सोनी के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान के जरिए गिरोह के मुख्य सरगना आदित्य कुमार उर्फ ‘चिकारा’ की पहचान की।
पटना में छापेमारी और गिरफ्तारियां
पुलिस ने पीछा करते हुए 8 मार्च को पटना सिटी बाइपास के एक किराए के मकान से आदित्य और उसके सहयोगी विपेंद्र को दबोच लिया। उनकी निशानदेही पर चोरी का माल खरीदने और गलाने वाले दो स्वर्णकारों—रजत खत्री और कपिल कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। गिरोह के अन्य सदस्य रोहित शर्मा और रोशन कुमार भी पुलिस की गिरफ्त में आए।
परिवार भी था अपराध में शामिल
हैरानी की बात यह है कि मुख्य आरोपी आदित्य की मां सविता देवी और बहन वर्षा कुमारी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, ये दोनों महिलाएं चोरी की गई संपत्ति को छिपाने और उसे खपाने की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थीं।
कुख्यात है गिरोह का इतिहास
गिरफ्तार मुख्य आरोपी आदित्य ‘चिकारा’ एक आदतन अपराधी है, जिस पर विभिन्न थानों में 7 से अधिक मामले दर्ज हैं। सुनार रजत खत्री का भी पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। एसपी ने बताया कि चोरी की राशि से अर्जित संपत्ति को अब नए कानून (BNSS) के तहत जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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