नालंदा। जिले के बिंद थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात डिलीवरी के बाद एक 19 वर्षीय महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। मामला बिंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित ऊषा नर्सिंग होम से जुड़ा है। परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

मृतका की पहचान खानपुर गांव निवासी सचिन कुमार की पत्नी सोनम कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सोनम को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार शाम बिंद पीएचसी में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान वहां एक आशा वर्कर पहुंची, जिसने निजी नर्सिंग होम में डिलीवरी कराने की सलाह दी। परिजन उसकी बातों में आ गए और सोनम को ऊषा नर्सिंग होम ले जाया गया।

ऑपरेशन के लिए 25 हजार की मांग

परिजनों का आरोप है कि नर्सिंग होम पहुंचते ही डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कही और 25 हजार रुपये की मांग की। पैसे देने से इनकार करने पर भी अस्पताल कर्मियों ने भरोसा दिया कि कोई खतरा नहीं है। इसके बाद कथित रूप से गलत तरीके से ऑपरेशन किया गया, जिससे मां और नवजात दोनों की मौत हो गई। रुपये देने से मना करने पर परिवार दूसरी जगह ले जाने लगा, लेकिन अस्पताल कर्मियों ने भरोसा दिलाया कि सब ठीक हो जाएगा। आरोप है कि गलत तरीके से ऑपरेशन किया गया, जिससे सोनम और नवजात दोनों की मौत हो गई

4 घंटे तक एंबुलेंस में घुमाते रहे

परिजन राजकुमार पासवान ने बताया कि मौत के बाद दोनों को पटना रेफर किया गया, लेकिन करीब 4 घंटे तक एंबुलेंस में ही इधर-उधर घुमाया गया। इस दौरान एंबुलेंस भी बदली गई। बाद में शव को वापस लाकर छोड़ दिया गया। अस्पताल के सभी डॉक्टर और कर्मी मौके से फरार हो गए।

बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था नर्सिंग होम

नर्सिंग होम के बाहर रजिस्ट्रेशन नंबर का कोई उल्लेख नहीं है। बैनर पर कई डॉक्टरों के नाम लिखे हैं, लेकिन घटना के बाद कोई मौजूद नहीं मिला।

जांच और कार्रवाई

बिंद पीएचसी प्रभारी डॉक्टर उमाकांत ने बताया कि आशा वर्कर को चिन्हित किया जा रहा है और नर्सिंग होम की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी चंदन कुमार सिंह ने कहा कि आवेदन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।