परवेज आलम, बगहा। पश्चिम चम्पारण जिले के वाल्मीकिनगर से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां कड़ी मेहनत, सच्ची लगन और हौसले की मिसाल बनीं टॉपर छात्रा नसरीन परवीन से SDM चांदनी कुमारी और सांसद सुनील कुमार ने मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और उसे सम्मानित किया।
सांसद ने अंग वस्त्र भेंट कर किया सम्मानित
दरअसल ग्रामीण परिवेश से निकलकर राज्य स्तर पर नाम रोशन करने वाली नसरीन परवीन से वाल्मीकिनगर के JDU सांसद सुनील कुमार ने मुलाकात की है। इस दौरान सांसद ने छात्रा को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सांसद ने कहा कि, नसरीन की सफलता यह साबित करती है कि संसाधनों की कमी कभी भी प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती है।
हर संभव सहयोग का दिया भरोसा
सांसद ने कहा कि, एनडीए सरकार में महिलाओं के सम्मान खासकर बेटियों के लिए साईकिल-पोशाक योजना बेहद कारगर साबित हुई है, जिसकी वानगी है ग्रामीण क्षेत्र की बेटी भी बड़ी सफलता हासिल कर रही है। इसके साथ उन्होंने नसरीन को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि, नसरीन परवीन जैसी बेटियां पूरे इलाके का मान बढ़ाती हैं। सरकार की ओर से जो भी सहयोग होगा, वह सुनिश्चित किया जाएगा।
बगहा एसडीएम ने भी की हौसला अफजाई
इस मौके पर बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी ने भी नसरीन परवीन की हौसला अफजाई की। उन्होंने नसरीन को सम्मानित करते हुए कहा कि, प्रशासन प्रतिभावान छात्रों के साथ हर कदम पर खड़ा है और आगे की पढ़ाई में भी हरसंभव मदद की जाएगी।
477 अंक लाकर हासिल किया तीसरा स्थान
बता दें कि बिहार इंटर बोर्ड की परीक्षा में आर्ट्स से नसरीन परवीन ने 477 अंक लाकर सूबे में तीसरा स्थान हासिल किया है। सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र (जहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव हो) से आकर टॉप -3 में जगह बनाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। नसरीन की यह सफलता इस क्षेत्र से आने वाले छात्र और छात्राओं के लिए प्रेरणा है।
पिता है सिलाई मास्टर
नसरीन परवीन बगहा-2 प्रखंड के नरवल बोरवल गांव की रहने वाली हैं। ये पेशे से सिलाई मास्टर अब्दुल्लाह अंसारी की बेटी है। सीमित संसाधनों के बावजूद नसरीन ने कड़ी मेहनत कर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की इंटरमीडिएट आर्ट्स परीक्षा में 477 अंक 95% हासिल कर टॉप-3 में स्थान बनाया है।
वकील बनना चाहती हैं नसरीन
नसरीन की यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। यह कहानी उन तमाम बेटियों के लिए संदेश है कि सपने बड़े हो तो मंजिल खुद-ब-खुद अपना रास्ता बना लेती है। नसरीन परवीन आगे लॉ की पढ़ाई कर एक अच्छा वकील बनकर जुडीशियल सेवा में अपना योगदान देना चाहती हैं।
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