मोर्चे पर तैनात पुलिस वालों का नक्सल भत्ता बंद हुआ, सरकार ने तय वक़्त पर नहीं किया इसे जारी रखने का आदेश

छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर तैनात पुलिस के जवानों का विशेष एलाउंस अप्रैल से बंद है. राज्य सरकार ने मार्च में इस अलाउंस को जारी रखने का आदेश नहीं कर पाई. इस बारे में हैरानी की बात है कि गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को कोई जानकारी नहीं है.

2015 में तात्कालीन बीजेपी सरकार ने नक्सल प्रभावित बस्तर और राजनांदगांव के 9 पुलिस थानों में तैनात पुलिस के जवानों को तीन वर्गों में अलाउंस देने का आदेश जारी किया था. ए, बी और सी कटेगरी में ये एलाउंस मूल वेतन का 15,35 और 50 प्रतिशत होता है.  ये आदेश मार्च 2019 तक प्रभावी था. इसके बाद इसकी समीक्षा होनी थी. लेकिन नई सरकार इसकी समीक्षा नहीं कर पाई.

इस बारे में जब गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से बात की गई तो उन्होंने इसके बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इस बारे में वो जानकारी लेंगे. इधर, नक्सल मोर्चे पर तैनात पुलिसवालों के मन में सवाल है कि उन्हें अब नक्सल मोर्चे पर उठाने वाले खतरे के एवज में एलाउंस मिल पाएगा या नहीं.

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