Bijapur Naxal Encounter : सुरेश परतागिरी, बीजापुर. छत्तीसगढ़ में 2026 की पहली मुठभेड़ में बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया में हुई. कई बड़े नक्सलियों को जवानों ने शनिवार को मट्टीमरका के जंगलों में घेर लिया. सुबह से दोनों तरफ से फायरिंग चली. डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है. बीजापुर मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली डिवीसीएम दिलीप बेड़जा और एसीएम कोसा मांडवी ढेर हुए हैं. घटनास्थल से सर्चिंग के दौरान शव के साथ दो एके 47 बरामद किया गया है.


नक्सलियों पर कहर बनाकर टूटे जवानों की टीम
जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स), डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और कोबरा बटालियन की टीम ने नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना पर अभियान शुरू किया. इसी दौरान उनका नक्सलियों की एक बड़ी टुकड़ी से सामना हो गया. दोनों ओर से सुबह से गोलीबारी हुई, जिसमें दो नक्सलियों को जवानों ने मार गिराया. घटनास्थल से दो AK47 राइफल के साथ ग्रेडेड स्वचालित हथियार भी बरामद किए गए हैं. मारे गए जवानों की पहचान डिवीसीएम दिलीप बेड़जा और एसीएम कोसा मांडवी के रूप में हुई है.
बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि बीजापुर जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के जंगल–पहाड़ी इलाकों में माओवादियों की नेशनल पार्क एरिया कमेटी के DVCM दिलीप बेड़जा और अन्य सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया गया.
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने मुठभेड़ को लेकर जानकारी दी कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों एवं अन्य चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ के जवान अत्यंत साहस और प्रतिबद्धता के साथ सशस्त्र माओवादी कैडरों के विरुद्ध निर्णायक अभियान निरंतर जारी रखे हुए हैं.
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