ताड़मेटला कांड में 76 जवानों की हत्या करने वाले जिस नक्सली की पुलिस को थी तलाश, उसने किया आत्मसमर्पण

बीजापुर। ताड़मेटला कांड और बुरकापाल जैसी घटनाओं में शामिल कुख्यात नक्सली और 8 लाख का ईनामी सुधीर कोरसा ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. आत्मसमर्पित नक्सली पीएलजीए बटालियन नंबर 1 के कंपनी नंबर 2 का प्लाटून कमाण्डर था. बीजापुर एसपी दिव्यांग पटेल के मुताबिक सुधीर कोरसा उर्फ प्रकाश, नक्सली जीवन शैली से त्रस्त होकर और छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति से प्रभावित होने के बाद समाज के मुख्य धारा से जुड़ने के लिए पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया . उन्होंने बताया कि माओवादी के समर्पण में 204 कोबरा निरीक्षक सोमदेव आर्य का विशेष योगदान रहा. 

ताड़मेटला कांड और बुरकापाल की घटना में था शामिल

आपको बता दें कि ताड़मेटला कांड में 76 जवान शहीद हुए थे. घटना 6 अप्रैल 2010 की है सुकमा जिले के ताड़मेटला में एरिया डोमिनेशन के लिए निकली सीआरपीएफ की 111 वीं बटालियन की टुकड़ी को माओवादियों ने घेरकर हत्या कर दी थी, जिसमें 75 जवान शहीद हो गए. वहीं उनकी मदद के लिए आ रही बख्तरबंद गाड़ी को भी नक्सलियों ने विष्फोट कर उड़ा दिया था. इस घटना में जिला पुलिस बल का 1 जवान शहीद हो गया था. इस मामले में पुलिस ने 92 लोगों को आरोपी बनाया था. जिसमें कि 10 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था लेकिन न्यायालय में आरोप साबित नहीं होने की वजह से सभी के सभी आरोपी बरी हो गए थे. वहीं 82 फरार माओवादियों की तलाश पुलिस को थी. जिसमें यह कुख्यात नक्सली भी शामिल था.

वहीं 24 अप्रैल 2017 को सुकमा जिले के बुरकापाल में सीआरपीएफ की 74 वीं बटालियन के जवान सड़क सुरक्षा में लगे थे. जिस दौरान वो खाना खाने की तैयारी कर रहे थे उसी दौरान घात लगा कर बैठे नक्सलियों ने उनके ऊपर हमला कर दिया था. इस हमले में 25 जवान शहीद हुए थे.

आत्मसमर्पित माओवादी की जानकारी निम्नानुसार है-

 सुधीर कोरसा उर्फ प्रकाश पिता स्व0 लच्छ,जाति मुरिया, उम्र 31वर्ष

  1. साकिन – पटेलपारा मनकेली , जिला-बीजापुर (छ0ग0)
  2. संगठन में अंतिम पद :- पीएलजीए बटालियन न0 01,के कंपनी नं0 2 का प्लाटून कमांडर।
  3. संगठन में भर्ती – वर्ष 2005 में डीव्हीसी हरिराम के द्वारा भर्ती कराया गया।
  4. हथियार :- ए0के0-47
  5. छ0ग0 शासन द्वारा पद पर घोषित ईनाम -08 लाख रुपये।

घटना में शामिल 

  1. वर्ष 2006 में मुरकीनार की घटना में शामिल.
  2. वर्ष 2007 में रानीबोदली घटना में शामिल. 
  3. वर्ष 2008 में उड़ीसा नयागढ़ की घटना तथा पुलिस लाईन अटैक में शामिल
  4. वर्ष 2008 में बंडा (सुकमा) की घटना में शामिल 
  5. वर्ष 2009 में कोरापुट दमनजोडी) उड़ीसा में बारूद मैग्जीन लटने की घटना में शामिल
  6. वर्ष 2009 में तिमिलवाड़ा में रोड ओपनिंग पार्टी पर हमला में शामिल
  7. वर्ष 2010 में ताडमेटला (सुकमा) की घटना में शामिल
  8. वर्ष 2013 से लगातार नक्सली स्कूल अधीक्षक(MOPos) के अन्तर्गत कार्य किया
  9. वर्ष 2017 में बुरकापाल (सुकमा) घटना में घटनास्थल की रेकी व कार्ययोजना में शामिल.

उपरोक्त माओवादी द्वारा आत्मसमर्पण करने पर उन्हें उत्साहवर्धन हेत शासन द्वारा देय प्रोत्साहन राशि 10,000 हजार रूपये (दस हजार रूपये) नगद प्रदाय किया गया।.इसे शासन की पुनर्वास नीति के तहत और अन्य सुविधा का लाभ दिया जायेगा.

 

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