पटना। NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में शुक्रवार को पीड़िता के परिजनों को DGP विनय कुमार ने अपने आवास पर बुलाया। बैठक में SIT टीम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। मुलाकात के बाद परिवार नाराज होकर बाहर निकला और डिप्टी CM सम्राट चौधरी से मिलने से इनकार करते हुए जहानाबाद के लिए रवाना हो गया।
छात्रा के भाई ने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान अधिकारियों ने उनकी मां से कहा कि मान लीजिए आपकी बेटी ने सुसाइड किया, उसके साथ रेप नहीं हुआ। इस बयान से परिवार आक्रोशित हो गया। छात्रा की मां ने न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे। पिता ने भी कहा कि उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
डिप्टी CM ने की समीक्षा बैठक
परिवार के न मिलने के बावजूद डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, DGP और पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के साथ समीक्षा बैठक की। बताया जा रहा है कि SIT अपनी जांच रिपोर्ट गृह मंत्री को सौंप चुकी है, जिसमें पटना के भीतर किसी आपराधिक घटना से इनकार किया गया है। हालांकि परिवार जांच से संतुष्ट नहीं है और सवाल उठा रहा है।
न्याय मार्च और जांच की दिशा
मामले को लेकर पटना विश्वविद्यालय की छात्राओं ने मगध महिला कॉलेज से कारगिल चौक तक बेटी बचाओ न्याय मार्च निकाला और CBI जांच की मांग की। पुलिस के अनुसार छात्रा के फोन का डेटा रिकवर कर विश्लेषण किया जा रहा है। स्नैपचैट से कुछ साक्ष्य मिले हैं। SIT की नजर तीन संदिग्धों पर है और DNA रिपोर्ट का इंतजार है। विधानसभा सत्र से पहले मामले के खुलासे की तैयारी है।
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