दुनिया अब ट्रेडिशनल वेपन सिस्टम से आगे बढ़ रही है. अब ऐसे हथियार का विकास किया जा रहा है, जिसमें बारूद का इस्तेमाल नहीं होता है. मतलब यह कि बिना किसी मिसाइल या बम-गोलों के एनिमी टार्गेट को ध्वस्त किया जा सकेगा. चीन के वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट को तबाह करने के लिए एक ऐसा ही वेपन सिस्टम डेवलप करने का दावा किया है. चीन का कहना है कि यह हथियार इतना शक्तिशाली है कि स्पेस में तैनात उपग्रहों को खाक में मिला सकता है. हथियारों की दुनिया में चीन ने अपने कारनामे से अमेरिका-यूरोप समेत पूरी दुनिया को चौंका दिया है.
चीन ने ऐसा हथियार विकसित करने का दावा किया है जो बिना बारूद, बम-गोलों के टारगेट को ध्वस्त कर देगा. चीनी वैज्ञानिकों के मुताबिक ये हथियार इतना पावरफुल है कि सेटेलाइट को खाक में मिला सकता है.
चीन ने ऐसा हथियार विकसित करने का दावा किया है, जो बिना बारूद, बम-गोलों के टारगेट को ध्वस्त कर देगा. चीनी वैज्ञानिकों के मुताबिक ये हथियार इतना पावरफुल है कि स्पेस में तैनात सेटेलाइट को खाक में मिला सकता है. इसे स्टारलिंक किलर भी कहा जा रहा है, जो एलन मस्क की सैटेलाइट को डि-लिंक कर सकता है.
चीन ने हाई-पावर माइक्रोवेव (HPM) हथियार विकसित किया है, जिसे वैज्ञानिक इनविजिबल हंटर करार दे रहे हैं. चीनी मीडिया और रिसर्च पेपर्स के मुताबिक यह सिस्टम एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के स्टारलिंक सैटेलाइट नेटवर्क को बिना एंटी-सैटेलाइट मिसाइलों के ही डि-लिंक कर सकता है.
यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के शीआन स्थित नॉर्थवेस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी (NINT) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने TPG1000Cs नामक ड्राइवर विकसित करने का दावा किया है, जिसे दुनिया का पहला कॉम्पैक्ट हाई-पावर माइक्रोवेव ड्राइवर बताया जा रहा है.
रूस की साइनस-7 (Sinus-7) सिस्टम का वजन करीब 10 टन बताया गया था, जो केवल 1 सेकंड तक काम कर पाता था और प्रति बर्स्ट लगभग 100 पल्स देता था. वहीं TPG1000Cs की लंबाई करीब 4 मीटर और वजन लगभग 5 टन बताया गया है और इसे ट्रक, युद्धपोत, विमान या सैटेलाइट प्लेटफॉर्म पर भी लगाया जा सकता है. NINT की टीम का कहना है कि इस सिस्टम ने अब तक 2 लाख से अधिक ऑपरेशनल पल्स जमा किए हैं, जिससे इसकी विश्वसनीयता सिद्ध होती है और मल्टी-प्लेटफॉर्म डिप्लॉयमेंट का रास्ता खुलता है.
चीनी रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अगर TPG1000Cs जैसे सिस्टम को स्पेस में तैनात किया गया तो इसके ना दिखाई देने वाले हमले और भी घातक होंगे. TPG1000Cs का विकास चीन की उस रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसके तहत बीजिंग स्टारलिंक-किलर हथियारों का निर्माण कर रहा है.
रूस-यूक्रेन युद्ध में स्टारलिंक की भूमिका ने भी सैन्य रणनीतिकारों का ध्यान खींचा है. फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के तुरंत बाद यूक्रेनी नेतृत्व के अनुरोध पर एलन मस्क ने स्टारलिंक सेवा सक्रिय की थी, जिससे यूक्रेन को वॉर-टाइम कम्यूनिकेशन सिस्टम में बड़ा लाभ मिला और रूस को इन संकेतों का पता लगाने और निष्क्रिय करने के नए तरीके विकसित करने पड़े.
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