लखनऊ. प्रदेश में 1 मार्च से नया व्हीकल एक्ट लागू हो गया है. जिसके बाद से अब ट्रैफिक नियमों को लेकर प्रशासन और सख्त हो गया है. नियमों का उल्लंघन करने पर अब भारी भरकम जुर्माना लगेगा. वहीं नाबालिग द्वारा किए गए अपराध पर अभिभावक भी दोषी होंगे. जिसमें अभिभावक को 3 साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना लगेगा. इसके अलावा बच्चों को टू व्हीलर पर 3 सवारी बैठाने पर 1000 रुपये और 4 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे को 3 सवारी बैठाने पर जुर्माना लगेगा.

बता दें कि नई दरों के मुताबिक अब पहले 10 गुना ज्यादा जुर्माना वसूला जाएगा. जिसमें शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों से पहले 1000 से 1500 रुपये जुर्माना लिया जाता था. लेकिन अब 10,000 रुपये जुर्माना या 6 महीने की सजा होगी. अगर रिपीट ऑफेंस है, यानी एक बार शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े जा चुके हैं और दोबारा फिर वहीं हरकत करते हैं तो 15,000 रुपये तक का जुर्माना या दो साल तक की कैद भुगतनी पड़ सकती है.

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बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने में पहले 100 रुपये जुर्माना था अब 1000 रुपये और 3 महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस के सस्पेंड करने का प्रावधान है. बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने पर पहले 100 रुपये जुर्माना था अब 1000 रुपये देने होंगे. वाहन चलाते वक्त मोबाइल फोन पर बात करते हुए पकड़े जाने पर पहले 500 रुपये जुर्माना था जिसे बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया गया है. दोपहिया वाहन पर तीन सवारी लेकर चलने में भी 100 रुपये की जगह 1000 रुपये जुर्माना देना होगा.

खतरनाक ड्राइविंग करने वालों से 500 रुपये की जगह 5000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा. ओवरलोडिंग पर 2000 रुपये की जगह 20,000 रुपये और सिग्नल जंप करने पर 500 की जगह 5000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा. जुवेनाइल यानी 18 साल से कम उम्र के किशोर वाहन चलाते पाए गए तो 2500 रुपये की जगह 25000 रुपये तक का जुर्माना और 3 साल तक की सजा हो सकती है. वाहन का रजिस्ट्रेशन भी 1 साल तक के लिए निरस्त हो सकता है. ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 25 साल तक की उम्र तक अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है.

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गाड़ी चलाते वक्त अगर बीमा के कागज नहीं है तो पहले 200 रुपये से 400 रुपए दंड लगता था. अब 2000 रुपये से 4000 रुपए दंड लगेगा. इसके साथ ही 3 महीने की सजा भी हो सकती है या फिर सामाजिक सेवा के लिए लगाया जा सकता है.