राकेश चतुर्वेदी/शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रदूषण का लेवल बढ़ गया है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने भोपाल-इंदौर समेत 8 शहरों में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई है। साथ ही सरकार से 8 सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी है। वहीं एनजीटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा एक ज्वाइंट कमेटी का गठन किया गया है।
प्रदेश में प्रदूषण का लेवल बढ़ गया है। एनटीजी ने भोपाल-इंदौर समेत 8 शहरों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता जताई है। राजधानी भोपाल में वायु गुणवत्ता तय मानकों के नीचे है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है, जो गंभीर पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए संकट है।
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ये शहर गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की श्रेणी में
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सिंगरौली, सागर और देवास गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की श्रेणी में है। इनमें पीएम-10 का औसत 130-190 और पीएम 2.5 का 80-100 माइक्रोग्राम/घनमीटर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन 8 शहरों को ‘नॉन-अटेनमेंट सिटी’ घोषित किया है। आपको बता दें कि साल 2016 में 6 शहर थे अब 8 शहर हैं। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए NGT ने सरकार से 8 सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
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