पटना। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के तत्कालीन जनरल मैनेजर और रीजनल ऑफिसर सदरे आलम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में जांच एजेंसी ने आलम की लाखों रुपये की जमीन कुर्क कर ली है। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में ED ने इस कार्रवाई की पुष्टि की।

​PMLA के तहत हुई कार्रवाई

ED द्वारा जब्त की गई जमीन की कुल कीमत 17.35 लाख रुपये बताई जा रही है। यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत की गई है। एजेंसी का मानना है कि यह संपत्ति भ्रष्टाचार के पैसों से खरीदी गई थी।

​रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए थे गिरफ्तार

​सदरे आलम का विवादों से पुराना नाता रहा है। सितंबर 2022 में CBI की टीम ने उन्हें पटना स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के माध्यम से लगभग 89.09 लाख रुपये की अवैध संपत्ति बनाने का केस दर्ज हुआ था।

​छापेमारी में मिला था कुबेर का खजाना

​CBI की शुरुआती जांच के दौरान सदरे आलम के बैंक खातों में संदिग्ध कैश ट्रांजैक्शन पाए गए थे। घर की तलाशी के दौरान जांच टीम को 71,01,250 रुपये नकद और भारी मात्रा में ज्वेलरी बरामद हुई थी। पूछताछ में जब आलम इन पैसों और गहनों का ठोस स्रोत नहीं बता पाए, तो केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें जब्त कर लिया।

​ED की जांच अभी भी जारी

​CBI की FIR को आधार बनाकर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। अवैध रूप से खरीदी गई जमीन की यह जब्ती उसी कड़ी का हिस्सा है। फिलहाल सदरे आलम के खिलाफ जांच जारी है और आने वाले दिनों में उनकी कुछ और संपत्तियों पर गाज गिर सकती है।