कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार अब औपचारिक रूप से सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि निशांत कुमार की एंट्री का प्रस्ताव स्वयं उन्होंने ही मुख्यमंत्री आवास पर हुई विधायकों की बैठक में रखा था।

​कल ग्रहण करेंगे सदस्यता

​निशांत कुमार पिछले कुछ दिनों से पार्टी के भीतर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने युवा विधायकों और जिला अध्यक्षों के साथ बैठकें की हैं। संजय झा के अनुसार, कल निशांत कुमार विधिवत रूप से जदयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे। वह पार्टी के संगठन को मजबूती देने के लिए समर्पित भाव से काम करने को तैयार हैं।

​नीतीश कुमार का मार्गदर्शन

​संजय झा ने स्पष्ट किया कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार के चेहरे पर 2030 तक का जनादेश दिया है। भले ही नीतीश कुमार अब केंद्र की राजनीति की ओर रुख कर रहे हों, लेकिन बिहार में आगामी सरकार का गठन और संचालन उनके ही मार्गदर्शन में होगा। नीतीश कुमार का कार्यकाल बिहार के लिए ‘स्वर्णिम काल’ माना जाता है, और उनके द्वारा किए गए विकास के वादों को पूरा करना पार्टी की प्राथमिकता रहेगी।

​संगठन या सरकार: जल्द होगा फैसला

​निशांत कुमार को भविष्य में क्या जिम्मेदारी मिलेगी, इसका निर्णय पार्टी जल्द लेगी। फिलहाल वह संगठन में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ तालमेल बिठाने में जुटे हैं। उन्होंने स्वयं जिला अध्यक्षों से कहा है कि पार्टी के हित में जो भी बेहतर होगा, वह उस जिम्मेदारी का पूरी तरह निर्वहन करेंगे।