कुंदन कुमार, पटना। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राज्यसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की घोषणा की है। बिहार राज्यसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को पर्यवेक्षक बनाया गया है। इसके अलावा हरियाणा के लिए हर्ष सांघवी गुजरात के डिप्टी सीएम और ओडिशा के लिए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

गौरतलब है कि बिहार में पांच सीटों पर राज्यसभा का चुनाव होना है। इनमें से 2 पर बीजेपी और 2 पर जदयू ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं, एक सीट पर एनडीए से उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया है। बीजेपी और जदयू की सीट पर जीत तय माना जा रहा है, हालांकि 5वीं सीट को लेकर पेच फंसा हुआ है, ऐसे में बिहार का राज्यसभा चुनाव काफी दिलचस्प बन गया है।

बिहार में पांच राज्यसभा सीटों के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, शिवेश कुमार, जदयू से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर मैदान में हैं। वहीं, एक सीट पर एनडीए से उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया है। जबकि राजद से एडी सिंह मैदान में हैं।

बता दें कि 16 मार्च को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, जिसमें बिहार की भी 5 राज्यसभा सीटों पर मतदान होना है। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए करीब 41 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। ऐसे में एनडीए को चार सीटें आसानी से मिलती दिख रही हैं, जबकि महागठबंधन के पास सिर्फ 35 विधायक होने से उसकी राह मुश्किल नजर आ रही है। ऐसे में यदि महागठबंधन का समर्थन AIMIM करती है, तो राज्यसभा की एक सीट उसके खाते में आ सकती है।

विधानसभा की मौजूदा संख्या की बात करे तो भाजपा के 89, जदयू के 85 और लोजपा (रामविलास) के 19 विधायक हैं। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा की आएलएम के पास महज 4 विधायक हैं। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान एआईएमआईएम का रुख किस दिशा में जाता है।

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