पटना। बिहार भाजपा के कद्दावर नेता और नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज अपने राजनीतिक जीवन के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। रविवार सुबह 9 से 10 बजे के बीच वे बिहार विधानसभा की सदस्यता से औपचारिक रूप से इस्तीफा देंगे। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद वे राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जिसके चलते संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप वे अब विधायक का पद छोड़ रहे हैं।

​बांकीपुर के अजेय योद्धा का सफर

​नितिन नवीन का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से गहरा और अटूट रिश्ता रहा है। वे लगातार 5 बार इस क्षेत्र के विधायक चुने गए, जो उनकी लोकप्रियता और जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है। अब उनके इस्तीफे के बाद बांकीपुर की सीट रिक्त हो जाएगी, जिससे वहां उपचुनाव की आहट सुनाई देने लगी है। इस वीआईपी सीट पर अब सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी होंगी।

​सरकार और संगठन में बेमिसाल अनुभव

​नितिन नवीन का कार्यकाल केवल सदन तक सीमित नहीं रहा। बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री के रूप में उन्होंने राज्य की सड़कों और कनेक्टिविटी का कायाकल्प किया। इसके साथ ही, नगर विकास एवं आवास विभाग संभालते हुए उन्होंने स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। वे संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने वाले नेता माने जाते हैं, यही वजह है कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

​बिहार भाजपा के लिए गौरव का क्षण

​उनका राज्यसभा जाना और राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना बिहार भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक अध्याय है। इससे न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, बल्कि संगठन को भी नई ऊर्जा मिलेगी। आज का यह इस्तीफा उनके विधायक के तौर पर एक सफर का अंत है, तो राष्ट्रीय फलक पर एक सशक्त नेतृत्व की शुरुआत भी।