कुंदन कुमार/पटना/नई दिल्ली। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर एक बार फिर से नीतीश कुमार का वर्चस्व पूरी तरह स्थापित हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस कदम पर केंद्रीय मंत्री और पार्टी के कद्दावर नेता ललन सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी नीतीश कुमार की ही है और उन्हीं के द्वारा बनाई गई है। ललन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नीतीश कुमार ही जेडीयू के ‘सर्वेसर्वा’ हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी निरंतर मजबूत हो रही है।

​ममता बनर्जी पर तीखा हमला

​पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए जेडीयू खेमे से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। ममता बनर्जी द्वारा एससी/एसटी (SC/ST) वर्ग को जीत के बाद 1700 प्रति माह देने के वादे को महज एक चुनावी स्टंट करार दिया गया है। विपक्ष का कहना है कि चुनाव से पहले इस तरह के लोकलुभावन वादे करना ममता की पुरानी आदत है।
​इस दौरान तेजस्वी यादव का उदाहरण देते हुए कहा गया कि वे भी चुनाव से पहले इसी तरह की बातें करते थे, लेकिन जनता अब हकीकत समझ चुकी है। दावों के मुताबिक, ममता बनर्जी इस बार सत्ता से बाहर हो रही हैं और बंगाल की जनता उन्हें हराने के लिए पूरी तरह मन बना चुकी है।

​अनंत सिंह की बेल पर साधी चुप्पी

​जहां एक तरफ राजनीतिक दांव-पेंच पर खुलकर बात हुई, वहीं जेडीयू के बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह को बेल मिलने के सवाल पर नेताओं ने किनारा कर लिया। जब पत्रकारों ने अनंत सिंह की रिहाई और उसके राजनीतिक प्रभाव पर सवाल पूछा, तो नेता इस मुद्दे पर चुप्पी साधते नजर आए, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।