पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगामी 10 मार्च से 13 मार्च तक कोसी और सीमांचल क्षेत्र के जिलों के सघन दौरे पर रहेंगे। इस ‘समृद्धि यात्रा’ का मुख्य केंद्र मधेपुरा जिला होगा, जहां मुख्यमंत्री तीन रातों तक प्रवास करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री मधेपुरा को अपना बेस कैंप बनाकर आसपास के सभी जिलों में विकास कार्यों का जायजा लेंगे और जनता से संवाद करेंगे।

​यात्रा का शेड्यूल

​यात्रा का आगाज 10 मार्च को सुपौल से होगा। वहां ‘समृद्धि यात्रा’ के कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री मधेपुरा पहुंचेंगे। मधेपुरा में पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को पूरा कर वे वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन, 11 मार्च को वे मधेपुरा से हेलीकॉप्टर द्वारा किशनगंज और अररिया के लिए उड़ान भरेंगे। इन दोनों जिलों में कार्यक्रमों को संपन्न कर वे वापस मधेपुरा लौट आएंगे।

​कटिहार, पूर्णिया और सहरसा का दौरा

​12 मार्च का दिन कटिहार और पूर्णिया के नाम रहेगा। मुख्यमंत्री पहले कटिहार में जनसभा या समीक्षा बैठक करेंगे, उसके बाद पूर्णिया पहुंचेंगे। शाम को वे पुनः मधेपुरा लौटेंगे। यात्रा के अंतिम दिन, 13 मार्च को मुख्यमंत्री सहरसा में कार्यक्रम करेंगे और वहां से खगड़िया के लिए प्रस्थान करेंगे। खगड़िया में अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव को पूरा करने के बाद वे सीधे पटना के लिए रवाना हो जाएंगे।

​मधेपुरा बनेगा केंद्र

​इस पूरी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का ठहराव मधेपुरा में एमएलसी ललन सर्राफ के आवास पर तय किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर इस वीवीआईपी दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यह यात्रा क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के समाधान और आगामी विकास योजनाओं की रूपरेखा तय करने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।