कुंदन कुमार/पटना। ​बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री आज ही राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। इस दौरान उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मौजूद रहने की संभावना है। अमित शाह दोपहर 12 बजे पटना पहुंच रहे हैं।

​कार्यकर्ताओं का हाई वोल्टेज ड्रामा और भावुकता

​नामांकन की खबर फैलते ही जेडीयू कार्यकर्ता भारी संख्या में सीएम आवास के बाहर जुटने लगे हैं। समर्थकों में गहरी नाराजगी और दुख देखा जा रहा है। कई कार्यकर्ता गेट पर ही फूट-फूटकर रोने लगे। उनका कहना है कि उन्होंने 2030 तक के लिए नीतीश कुमार के नाम पर वोट मांगा था, ऐसे में वे उन्हें बिहार छोड़कर नहीं जाने देंगे। सुरक्षा के मद्देनजर सीएम हाउस के बाहर बैरिकेडिंग कर दी गई है और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा खुद मोर्चा संभाले हुए हैं।

​बैठक और उत्तराधिकारी की चर्चा

​बुधवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर एक अहम बैठक हुई, जिसमें संजय झा और विजय चौधरी जैसे दिग्गज नेता शामिल थे। विजय चौधरी ने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार का ही होगा। इस बीच, चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार को राजनीतिक विरासत सौंप सकते हैं, हालांकि पार्टी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक खंडन नहीं किया है। संगठन के स्तर पर, उमेश कुशवाहा को फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर मुहर लग चुकी है।

​पार्टी के भीतर प्रतिक्रिया

​जेडीयू नेता संजय सिंह ने कहा कि जनता की इच्छा नीतीश कुमार को सीएम बनाए रखने की है, लेकिन उनके व्यक्तिगत फैसले का सम्मान किया जाएगा। वहीं, नाराज कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि वे मुख्यमंत्री को आवास से निकलने नहीं देंगे और वहीं धरने पर बैठेंगे।