पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने सधे हुए अंदाज और चौंकाने वाले फैसलों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में समृद्धि यात्रा के दौरान उन्होंने कुछ ऐसा किया जिससे राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे हैं?

​जीतन राम मांझी का समर्थन

​पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और हम संरक्षक जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार के व्यवहार पर मुहर लगाई। मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार की कथनी और करनी में अंतर नहीं होता। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए याद दिलाया कि नीतीश कुमार ने ही उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया था। मांझी का यह बयान सम्राट चौधरी को लेकर लगाई जा रही अटकलों को और मजबूती प्रदान करता है।

​कंधे पर हाथ और भविष्य का संकेत

​बीते दिनों एक कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर कहा, अब आगे का काम यही देखेंगे। इसके अलावा 18 मार्च को जमुई और 13 मार्च को सहरसा में भी नीतीश ने मंच पर सम्राट की पीठ थपथपाई और जनता से कहा कि ये लोग (सम्राट चौधरी) बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और भविष्य में भी जिम्मेदारी यही संभालेंगे।

​विजय चौधरी ने दी सफाई

​वहीं दूसरी ओर, नीतीश कुमार के करीबी मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इन चर्चाओं को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अक्सर अपने सहयोगियों का उत्साह बढ़ाने के लिए इस तरह के व्यवहार करते हैं। उनके अनुसार, सम्राट चौधरी एक भरोसेमंद साथी हैं और इस बयान को उत्तराधिकारी की घोषणा के रूप में देखना जल्दबाजी होगी। उन्होंने मीडिया पर मामले को बेवजह तूल देने का आरोप भी लगाया।