मुंगेर। ​बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के तहत गुरुवार को मुंगेर और लखीसराय पहुंचे। जहां एक तरफ सीएम विकास का संदेश दे रहे थे, वहीं उनके जाते ही कार्यक्रम स्थल पर अराजकता का माहौल बन गया। कृषि विभाग द्वारा सब्जियों से की गई भव्य सजावट चंद मिनटों में गायब हो गई।

​नींबू और प्याज की मची लूट

​स्वागत स्थल पर आलू, प्याज, बैंगन और नींबू जैसी ताजी सब्जियों से बड़े अक्षरों में समृद्धि यात्रा लिखा गया था। जैसे ही नीतीश कुमार का संबोधन खत्म हुआ और वे वहां से रवाना हुए, मौजूद भीड़ सब्जियों पर टूट पड़ी। लोग अपने साथ लाए झोलों में सब्जियां भरकर भागने लगे। अधिकारी माइक से निर्देश देते रहे, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। कर्मचारी तक नींबू लेकर भागते नजर आए।

​नीतीश का लालू परिवार पर वार

​सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने बिना नाम लिए लालू यादव के शासनकाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने में डरते थे, लेकिन आज कानून का राज है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि पहले की सरकार ने बिहार के लिए कुछ नहीं किया, जबकि उनकी सरकार ने विकास की नई गाथा लिखी है।

​मंच पर दिखे दिलचस्प नजारे

​संबोधन के दौरान जब कुछ महिलाएं उठकर जाने लगीं, तो नीतीश ने उन्हें टोकते हुए कहा, ऐ इधर-उधर मत जाओ, बैठो और चुपचाप सुनो। भाषण खत्म करने के बाद वे फिर से माइक पर आए और सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर उनकी सराहना की। इससे पहले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने उनका अभिवादन किया। सीएम ने जनता से विकास कार्यों के लिए नेताओं का धन्यवाद करने की अपील भी की।

​विकास योजनाओं की सौगात

​इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने 118 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। साथ ही, उन्होंने जीविका दीदियों के स्टालों का निरीक्षण कर उनके कार्यों की सराहना की। इस दौरान पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने भी नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उनके फैसलों का समर्थन किया।