कुंदन कुमार/पटना। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को उन्होंने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। इसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन और नेतृत्व को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारों में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राज्य में मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी और सरकार का अगला स्वरूप कैसा होगा। इसी मुद्दे को लेकर आज शाम 5 बजे मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू की अहम बैठक बुलाई गई है। बैठक में पार्टी के सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) शामिल होंगे। माना जा रहा है कि यह बैठक आने वाले राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होगी।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में विधायक दल के नए नेता के चयन पर चर्चा हो सकती है। साथ ही नई सरकार के गठन, संभावित नेतृत्व और आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो और संगठन के भीतर किसी तरह की असमंजस की स्थिति न बने।

इधर, मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की खबर के बाद पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी सामने आई है। जेडीयू कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों को लेकर विरोध देखने को मिला। इन पोस्टरों में पीएम मोदी और नीतीश कुमार की तस्वीरें लगी थीं। कुछ नाराज कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी के पोस्टर पर कालिख पोत दी।

इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसे कुछ कार्यकर्ताओं की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया बताया है। फिलहाल सभी की नजर आज शाम होने वाली जेडीयू की बैठक पर टिकी है, जहां बिहार की राजनीति की अगली दिशा तय होने की संभावना है।