कुंदन कुमार/ पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन का माहौल उस वक्त गरमा गया, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस हो गई। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री जब अपनी बात रख रहे थे, तभी तेजस्वी यादव बीच में खड़े हो गए। इस पर मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में उन्हें बैठने को कहा और टिप्पणी करते हुए कहा कि वे उनके पिता के साथ काम कर चुके हैं, इसलिए चुपचाप बैठकर सुनें।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर
नीतीश कुमार ने तेजस्वी पर तंज कसते हुए पूछा कि छह विधायकों को अपने पक्ष में करने के लिए पैसा कहां से आया था। उन्होंने आरोप लगाया कि गड़बड़ी के कारण ही उन्हें अलग किया गया। मुख्यमंत्री के इन आरोपों पर तेजस्वी यादव मुस्कुराते नजर आए और जवाब में कहा, कुछ भी बोलिएगा।
डांटकर बिठाया, फिर दी नसीहत
तेजस्वी दोबारा कुछ कहने के लिए खड़े हुए तो मुख्यमंत्री ने उन्हें फिर से बैठने को कहा। उन्होंने कहा कि वे उन्हें मानते हैं और उन्हें आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन में कुछ देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।
बजट सत्र के दौरान हुई इस तीखी नोकझोंक ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तल्खी साफ नजर आई, जिससे आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही और भी विवादों से घिर सकती है।
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