मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सूखा मध्यान्ह भोजन वितरण शुरू, शुरुआत करने विधायक सत्यनारायण शर्मा पहुँचे स्कूल

राज्य में फ्लेक्सी मद से 4 जिलों और मुख्यमंत्री अमृत योजना के तहत 2 जिलों में सुगंधित सोया मीठा दूध भी पिलाया गया

सत्यपाल सिंह राजपूत, रायपुर।  नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के उद्देश्य से राज्य शासन ने सभी स्कूल लॉकडाउन की स्थिति में 14 अप्रैल तक बंद कर दिए है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर अवकाश अवधि में स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिए जाने का निर्णय लिया गया है। राज्य के लगभग 29 लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ उठाते हैं। जिसमें 18 लाख प्राथमिक स्कूल के और 11 लाख बच्चे अपर प्राथमिक शाला में अध्ययनरत हैं। शासन के निर्देशानुसार राज्य के सभी 28 जिलों में मध्यान्ह भोजन योजना अंतर्गत सूखा राशन वितरण आज से शुरू हो गया है। शासन की ओर इसके वितरण के लिए 3 और 4 अप्रैल की तिथि निर्धारित है। यदि वितरण 2 दिन में पूरा नहीं होता तो इसे और आगे भी बढ़ाया जाएगा।

रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक सत्यनारायण शर्मा इस मौके पर बीरगाँव स्कूल पहुँचे। यहाँ विधायक शर्मा ने बच्चों के लिए सूखा मध्यान्ह भोजन का वितरण कराया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के पालकों से कोरोना संकट के रोकथाम और बचाव को लेकर चर्चा भी की। साथ उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से दिए निर्देशों की जानकारी भी दी। विधायक सत्यनारायण शर्मा ने इस अवसर पर 3 फीट की दूरी और चेहरे पर कपड़ा या मास्क लगाने की बात लोगों से कही।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. चन्द्राकर और समन्वयक भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला मोवा में आज सुबह 7.30 बजे से 11.30 बजे तक दर्ज 375 बच्चों में से 281 बच्चों के पालकों को चावल-दाल का वितरण किया गया। इसी प्रकार प्राथमिक शाला कांपा लोधीपारा में दर्ज 237 में से 192, प्राथमिक शाला शहीद भगत सिंह पंडरी में दर्ज 160 में से 118, पूर्व माध्यमिक शाला दलदल सिवनी में दर्ज 261 में से 172, पूर्व माध्यमिक शाला सड्डू में दर्ज 314 में से 249, प्राथमिक शाला सड्डू में दर्ज 577 में 424 और पूर्व माध्यमिक शाला मोवा में दर्ज 410 में से 253 बच्चों के पालकों को निर्धारित मात्रा अनुसार चावल और दाल का वितरण किया गया।

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शासन के निर्देशानुसार मध्यान्ह भोजन मार्च एवं अप्रैल 2020 के लिए 40 दिन का सूखा दाल और चावल बच्चों के पालकों को स्कूल से प्रदाय किया जा रहा है। प्राथमिक शाला के प्रत्येक बच्चे को 4 किलोग्राम चावल और 800 ग्राम दाल तथा उच्चतर माध्यमिक शाला के प्रत्येक बच्चे को 6 किलोग्राम चावल और 1200 ग्राम दाल दिया जा रहा है।

शासकीय प्राथमिक शाला खम्हारडीह के प्रभारी कामिनी साहू ने बताया कि विभाग के आदेशानुसार जो निर्धारित राशन अलग अलग वर्ग के बच्चों को देना है उसका आज वितरण किया गया कल भी वितरण किया गया।  आज लगभग दर्ज संख्या के अनुसार लगभग सेवेंटी प्रतिशत बच्चों के पालकों को बाँटे गए राशन बाँटते समय जारी एडवाइजरी का पूरा ध्यान रखा गया विद्यार्थियों के पालकों के हाँ तो कोई स्कूल के गेट पर ही सेनेटाइज किया गया और सोशल डिस्टेंस का ख़याल रखते हुए लोगों को बारी बारी बुलाकर दिए गए।

जिला शिक्षा अधिकारी जी. आर. चंद्राकर ने बताया कि मध्यान्ह भोजन का वैकल्पिक व्यवस्था राशन का किवितरण सभी स्कूल के माध्यम से आज शिक्षा विभाग की ओर से प्रारंभ किया गया है रायपुर जिला में लगभग ढाई लाख से ज़्यादा बच्चों के लिए राशन पैकेट बनाया गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग को जिलों से प्राप्त सूचना के अनुसार आज राज्य के लगभग 65 प्रतिशत बच्चों को राशन का वितरण किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फ्लेक्सी मद से 4 जिलों में और मुख्यमंत्री अमृत योजना के तहत 2 जिलों में सुगंधित सोया मीठा दूध पूरी सावधानी से पिलाने के निर्देश दिए गए है। जिलों में भण्डारित सोया दूध को भी आज से बच्चों को पिलाने का कार्य प्रारंभ किया गया है। इनमें गरियाबंद, सूरजपुर, कोरिया, कबीरधाम, बस्तर और दुर्ग जिले शामिल हैं। राज्य के दो विकासखण्ड पेण्ड्रा और खड़गवां में सुबह का नास्ता नवाचार के रूप में दिया जा रहा था। इसका सूखा खाद्य सामग्री भी स्कूल बंद होने के पहले से भंडारित थी आज से उसे भी सूखा राशन के साथ वितरण का कार्य प्रारंभ किया गया है। जिला एवं राज्य स्तर के अधिकारी सूखा राशन वितरण की सतत् माॅिनटरिंग कर रहे हैं।

 

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