दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे के सब डिवीजन बटाला में पड़ते 20 किलोमीटर के एरिया में से 4 किलोमीटर में नेशनल हाईवे अथॉरिटी को जमीन का कब्जा नहीं मिल पा रहा है। इसे लेकर किसान और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने जिला प्रशासन में सामंजस्य नहीं बन पा रहा है। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन पर मुआवजा दिए बिना ही जमीन ली जा रही है।
मंगलवार को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से करीब 800 मीटर पर कब्जा ले लिया गया है। इस दौरान किसानों ने आपत्ति जताई है और दोनों के बीच झूमा झटकी हुई है, जिसमें सात किसान जख्मी हो गए। इन्हें इलाज के लिए सीएचसी भाम में दाखिल कराया गया है। किसानों का आरोप है कि उन्हें जमीन के पैसे दिए बिना ही प्रशासन कब्जा कर रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि वह किसानों को तय मुआवजा देने के लिए तैयार है, लेकिन वे ज्यादा पैसे की मांग कर रहे हैं।
बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची
जैसे ही किसानों को पता चला कि अधिग्रहण का कार्य चालू हो गया है वैसे ही वह सभी इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने पहुंच गए। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया और अपना विरोध जाहिर किया है। इस बीच ही पुलिस और किसानों में झड़प होने की खबर सामने आई।

नहीं मिल रहा मुआवजा
बताया जा रहा है की जमीन अधिकरण होने वाले घटना में कई किसान ऐसे हैं जिन्होंने बीते तीन साल दो साल से अपनी जमीन अधिग्रहण में दे दी है लेकिन उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है और वह मुआवजे के लिए चक्कर काट रहे हैं। यही कारण है कि किसानों में रोष बढ़ता ही जा रहा है। किसानों को डर है कि इस बार भी कुछ उनके साथ ऐसा ही ना हो और उन्हें मुआवजे के लिए लंबी रहना देखनी पड़े। एसडीएम बटाला बिक्रमजीत सिंह का कहना है कि तीन साल से नेशनल हाईवे अथॉरिटी जमीन का अधिग्रहण कर चुकी है, लेकिन किसान इसका कब्जा नहीं दे रहे। किसान अधिग्रहत जमीन पर तीन साल से लगातार खेती करते आ रहे हैं।
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