दिल्ली सरकार ने जल आपूर्ति सेवाओं को आधुनिक और उपभोक्ता अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली जल बोर्ड ने उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट, एडवांस्ड कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (CRM) सिस्टम और DJB1916 मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह लॉन्च करोल बाग स्थित दिल्ली जल बोर्ड कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया, जिसमें दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर सरकार ने “समर एक्शन प्लान” भी पेश किया, जिसमें गर्मियों के दौरान पानी की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है।
नए AI चैटबॉट के जरिए उपभोक्ता 24 घंटे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे और उन्हें तुरंत जवाब मिल सकेगा। वहीं, एडवांस्ड CRM सिस्टम से शिकायतों की मॉनिटरिंग और उनके समाधान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज़ हो जाएगी। DJB1916 ऐप के माध्यम से उपभोक्ता पानी का बिल जमा करने, सप्लाई से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने और अपनी शिकायतों की स्थिति जानने जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
इस पैकेज में एक चैटबॉट, एडवांस्ड कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (CRM) सिस्टम और DJB 1916 मोबाइल ऐप शामिल हैं। दिल्ली सरकार के अनुसार, ये सभी टूल्स मिलकर एक एकीकृत और जियो-इंटेलिजेंट शिकायत-निवारण इकोसिस्टम तैयार करेंगे, जिससे नागरिकों के लिए जानकारी प्राप्त करना, सेवाओं का लाभ उठाना और शिकायतों का समाधान पाना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा।
नए सिस्टम के तहत चैटबॉट 24×7 उपलब्ध रहेगा, जो पानी से संबंधित सेवाओं, बिल और कनेक्शन जैसी जानकारी तुरंत प्रदान करेगा। वहीं, एडवांस्ड CRM सिस्टम शिकायतों को व्यवस्थित तरीके से दर्ज कर उन्हें संबंधित विभाग तक तेजी से पहुंचाएगा, जिससे समाधान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। इसके अलावा, DJB 1916 ऐप के जरिए नागरिक अपने मोबाइल फोन से ही शिकायत दर्ज कर सकेंगे, बिल भुगतान कर सकेंगे और पानी की आपूर्ति से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का कहना है कि जियो-इंटेलिजेंट तकनीक के उपयोग से शिकायतों की सटीक लोकेशन की पहचान कर उन्हें तुरंत संबंधित टीम तक भेजा जाएगा, जिससे समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सकेगा।
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा शुरू की गई नई डिजिटल पहल का उद्देश्य नागरिक सेवाओं को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है। दिल्ली सरकार के मुताबिक, इस पहल के जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तुरंत समाधान उपलब्ध कराया जाएगा, साथ ही पारदर्शिता और परिचालन दक्षता को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का कहना है कि इस सिस्टम में शामिल चैटबॉट उपभोक्ताओं को तत्काल सहायता प्रदान करेगा, जिससे उनकी समस्याओं का शुरुआती स्तर पर ही समाधान संभव हो सकेगा। इसके अलावा, एडवांस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए शिकायतों और सेवाओं की बेहतर निगरानी की जा सकेगी। वहीं, DJB 1916 ऐप नागरिकों को सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करेगा। इसके माध्यम से उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन से ही विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे और अपनी शिकायतों की स्थिति पर नजर रख पाएंगे।
कॉलोनी वाइज वाटर सप्लाई शेड्यूल
सरकार के अनुसार, इस पहल के जरिए जो काम पहले लगभग 3 मिनट में होता था, वह अब महज 3 सेकंड में पूरा किया जा सकेगा। यह बदलाव खासतौर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म और DJB 1916 ऐप के माध्यम से संभव होगा। नई व्यवस्था के तहत मेंटेनेंस स्टाफ की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही, कॉलोनी-वार पानी की सप्लाई का शेड्यूल भी सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि नागरिकों को पानी की उपलब्धता की सही जानकारी मिल सके।
टैंकर सेवा को भी व्यापक रूप से मजबूत किया गया है। पहले जहां 8700 फिक्स्ड पॉइंट्स पर टैंकर की व्यवस्था थी, उसे बढ़ाकर अब 13,000 प्वाइंट्स तक किया जाएगा। इसके अलावा, टेल प्वाइंट यानी अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए टैंकर व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा रहा है। नई प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह भी अनिवार्य किया गया है कि जहां भी टैंकर जाएगा, ड्राइवर को ऐप के जरिए फोटो अपलोड करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि पानी की सप्लाई सही जगह तक पहुंच रही है। जल उत्पादन के क्षेत्र में भी दिल्ली सरकार ने आंकड़े साझा किए हैं। वर्तमान में 865 MGD (मिलियन गैलन प्रति दिन) पानी का उत्पादन किया जा रहा है, जिसमें 165 MGD उत्पादन ग्राउंड वॉटर स्रोतों से हो रहा है।
क्या कहा प्रवेश वर्मा ने?
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के डिजिटल सेवा कार्यक्रम में दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने भावनात्मक और प्रेरक संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के 13 महीने पहले ही उनके मन में जल सेवा को लेकर एक सपना था। मंत्री ने कहा, “जब भी मैं यमुना मैया को गंदा देखता था, तो मन में यही आता था कि मुझे इसकी सेवा करने का अवसर मिले। आज मुझे यही विभाग मिला है, इसलिए मैं खुद को बहुत खुशनसीब मानता हूं।”
उन्होंने कहा कि कलयुग में प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य का काम है और यह अवसर जल बोर्ड के अधिकारियों के पास भी है। “दिल्ली के करोड़ों लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है,” उन्होंने कहा। मंत्री ने यमुना की सफाई को दूसरी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि यह एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में उपयोग किए जाने वाले पानी का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा सीवर में चला जाता है, जिसे साफ करना एक जटिल कार्य है।
अपने अनुभव साझा करते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा कि जब उन्होंने विभाग संभाला और पहली बार जल बोर्ड कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें कई समस्याएं नजर आईं। “हमारे सॉफ्टवेयर और सिस्टम काफी पुराने हो चुके थे। जो भी नया काम करने की सोचते, कोई न कोई बाधा सामने आ जाती थी,” उन्होंने कहा। उन्होंने हल्के अंदाज में यह भी बताया कि “जब मैं लिफ्ट में घुसा, तो वह भी ठीक से नहीं चल रही थी,” जिससे विभाग की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। मंत्री ने अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कम समय में सिस्टम को सुधारने का सराहनीय काम किया है। “मैं सभी अधिकारियों को बधाई देता हूं कि उन्होंने इतनी जल्दी इन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया,” उन्होंने कहा। इस मौके पर मंत्री ने विश्वास जताया कि नई डिजिटल पहल से न केवल जल सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि पारदर्शिता और कार्यकुशलता भी बढ़ेगी।

