भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक भाषा के खिलाफ सख्त कानून लाने की योजना की घोषणा की है।

कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने पुष्टि की कि प्रस्तावित कानून अश्लील और अपमानजनक भाषा को निशाना बनाएगा, और यह सुनिश्चित करेगा कि जो लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए।

‘घृणास्पद भाषण और घृणा अपराध रोकथाम अधिनियम’ (Prevention of Hate Speech and Hate Crime Act) नामक यह नया कानून अधिकारियों को उन व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अधिकार देगा, जो सोशल मीडिया पर अश्लील या आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने पर भी प्रस्तावित ढांचे के तहत प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

विधि आयोग ने सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने के लिए सिफारिशें प्रस्तुत की हैं। अधिकारियों का मानना है कि अनियंत्रित आपत्तिजनक भाषा ने एक ज़हरीला माहौल बना दिया है, और सरकार को शिष्टाचार बहाल करने के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए।

प्रस्तावित कानून में अपराधियों के लिए जुर्माना और कारावास जैसे दंड शामिल होंगे। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस कानून का सख्ती से पालन कराने से लोग ऑनलाइन और सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने से हिचकेंगे।

हरिचंदन ने कहा कि सोशल मीडिया तेज़ी से अभद्र व्यवहार का एक मंच बनता जा रहा है। उन्होंने नागरिकों को उत्पीड़न और मौखिक दुर्व्यवहार से बचाने के लिए सुधारात्मक उपायों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। इस कानून का उद्देश्य सार्वजनिक संवाद की रक्षा करना और ज़िम्मेदार संचार को बढ़ावा देना है।