ओडिशा के कंधमाल जिले में बालिगुडा वन प्रभाग के बेलघर क्षेत्र में झिरपानी के पास वन अधिकारियों को एक हाथी का क्षत-विक्षत शव मिला, शव की हालत देखकर विभाग में हड़कंप मच गया. वन विभाग ने पुष्टि की है कि हाथी की मौत का कारण स्पष्ट हो चुका है और शिकार (poaching) की आशंका को खारिज कर दिया गया है.
मौत के बाद जिस तरह से शव के साथ व्यवहार किया गया, उसने मामले को और गंभीर बना दिया है. शव को टुकड़ों में काटकर कहीं और दफनाया गया. बालिगुडा के संभागीय वन अधिकारी (DFO) ने स्वीकार किया है कि हाथी के शव को टुकड़ों में काटकर किसी अन्य स्थान पर दफनाने की कोशिश की गई थी. यह कार्रवाई शिकारियों ने नहीं, बल्कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों ने की थी, जो इस घटना को छिपाने की कोशिश कर रहे थे.
सूत्रों के मुताबिक, इस काम में वनपाल, रेंजर और वन्यजीव संरक्षण के लिए जिम्मेदार होम गार्ड जैसे कर्मचारी शामिल रहे.
यह कार्रवाई न सिर्फ नियमों के गंभीर उल्लंघन में आती है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभाग की विश्वसनीयता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है.

मामले की जांच शुरू
उपराज्यपाल ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच शुरू हो चुकी है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आए और संबंधित कर्मियों की जिम्मेदारी तय हो सके. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही संपूर्ण जानकारी सार्वजनिक की जाएगी.
- शाबाश UP पुलिस! 16 लाख के 75 गुमशुदा स्मार्टफोन किए गए बरामद, खोया फोन वापस पाकर लोगों के खिल उठे चेहरे
- ब्रिटिश काल से चली आ रही परंपरा को निभाने के लिए ट्रेन में बांधा पेड़, पकड़े गए सभी आरोपी… केस दर्ज
- गाजियाबाद में एक ही पते पर 22 फर्जी पासपोर्ट, मास्टरमाइंड समेत 2 गिरफ्तार; डेढ़ लाख रुपये में लेता था ठेका
- दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल ने एक नंबर के लिए 5 साल कानूनी लड़ाई लड़ी, आखिरकार हुई जीत; क्या मामला?
- बेगूसराय में आधी रात प्रशासन की कार्रवाई: नियुक्ति पत्र की मांग पर अनशन कर रहे 100 होमगार्ड अभ्यर्थी हिरासत में, जानें क्या है मामला

