Odisha News : भुवनेश्वर. ओडिशा सरकार ने प्रस्तावित भुवनेश्वर मेट्रो प्रोजेक्ट को रोक दिया है. रविवार को कार्य मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बताया कि वित्तीय चिंताओं और विस्तृत योजना की जरूरत को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.

मीडिया से बात करते हुए हरिचंदन ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार मेट्रो सिस्टम शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह प्रोजेक्ट तभी आगे बढ़ेगा जब इसकी पूरी तरह से व्यवहार्यता (feasibility) की जांच हो जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा हालात में मेट्रो को लागू करने से हर साल 1,000-2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. उन्होंने कहा, “सिर्फ़ चुनावी फ़ायदे के लिए और भारी नुकसान उठाते हुए इस प्रोजेक्ट में जल्दबाजी करने की कोई ज़रूरत नहीं है.”

मंत्री ने बताया कि एक तय एजेंसी अभी एक पूरी मोबिलिटी योजना तैयार कर रही है. यह योजना मेट्रो की असल ज़रूरत, सही रास्तों और भुवनेश्वर के भविष्य में विस्तार की ज़रूरतों को तय करेगी.

उन्होंने मेट्रो के लिए पहले हुए समझौते को “खराब कॉन्ट्रैक्ट” भी बताया और दावा किया कि प्रस्तावित रूट सही नहीं था. हरिचंदन ने आरोप लगाया कि पूर्व  सरकार ने केंद्र सरकार को शामिल किए बिना ही इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया, जबकि दूसरे शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट केंद्र और राज्य की साझेदारी वाले मॉडल पर चलते हैं.

उन्होंने आगे कहा, “अभी इस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया है ताकि बेवजह का खर्च न हो.”

उन्होंने साफ़ किया कि भुवनेश्वर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन बना रहेगा और मोबिलिटी योजना पूरी होने के बाद इस प्रोजेक्ट को वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा. मंत्री ने कहा कि भविष्य में इस प्रोजेक्ट को शहर के विकास के हिसाब से ही आगे बढ़ाया जाएगा और इसे मुख्यमंत्री और राज्य कैबिनेट का पूरा समर्थन हासिल है.