Odisha News : पुरी. पुरी के प्रसिद्ध  भगवान जगन्नाथ मंदिर के प्रशासन ने पिछले हफ़्ते पूजा-पाठ में बड़ी रुकावट के बाद सेवादारों के ख़िलाफ़ सख़्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. दरअसल, 28 फरवरी को कुछ सेवादारों के कथित दुर्व्यवहार की वजह से मंदिर की पूजा-पाठ में लगभग चार घंटे की देरी हो गई थी. इसके कारण भक्त परेशान हो गए और उन्हें समय पर महाप्रसाद नहीं मिल पाया. यह शिकायत भी सामने आई कि इस घटना के दौरान मंदिर के अधिकारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया.

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आरोपियों के स्पष्टीकरण की समीक्षा करने के बाद मुख्य प्रशासक अरबिंद पाढ़ी ने खुंटिया सेवादार रामकृष्ण खुंटिया को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया. इस दौरान, उन्हें मंदिर की सभी सेवाओं से रोक दिया जाएगा. आदेश में आगे चेतावनी दी गई है कि यदि वह मंदिर के कामों में बाधा डालने या धमकी देने की कोशिश करते हैं, तो उनका निलंबन बढ़ा दिया जाएगा और उनके ‘शादीबंध’ अधिकार रद्द कर दिए जाएंगे.

दो अन्य सेवादारों, माधव खुंटिया उर्फ़ हाथी और मधुसूदन खुंटिया उर्फ़ सांधी को सशर्त माफ़ कर दिया गया, लेकिन उन्हें भविष्य में ऐसा व्यवहार न दोहराने की सख़्त चेतावनी दी गई.

पाढ़ी ने ज़ोर देकर कहा कि जहां ज्यादातर सेवादार पूजा-पाठ को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करते हैं, वहीं कुछ लोगों का अव्यवस्थित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने दोहराया कि श्रीमन्दिर की परंपराओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए अनुशासन और समय पर तालमेल जरूरी है.

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