पुरी। पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में अवैध हथियार तस्करी और आपूर्ति गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुरी पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान में 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया. यह कार्रवाई अवैध गतिविधियों की विशेष सूचना मिलने के बाद की गई. ऑपरेशन के दौरान संगठित अपराध गिरोह के सदस्यों सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान डेंगा मूना उर्फ रमेश परिदा, बाबू दास उर्फ भोई, गुडु पांडा उर्फ रश्मि, कन्हा उर्फ हरिचंदन दास, पतिता बेहरा और चितरंजन पुरोहिता के रूप में हुई है. इन आरोपियों के खिलाफ चोरी, हमला, संगठित अपराध और हथियार से संबंधित अपराधों सहित कई मामले दर्ज हैं.
पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त की, जिसमें छह देसी पिस्तौल (माउजर) मैगजीन के साथ और 20 जिंदा कारतूस शामिल हैं. इसके अलावा, तीन मोबाइल हैंडसेट भी जब्त किए गए, जिनके बारे में माना जा रहा है कि इनका उपयोग गिरोह की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया गया था. आरोपियों से 2,100 रुपये नकद भी बरामद किए गए.
इस ऑपरेशन का नेतृत्व कुख्यात असामाजिक तत्व और हथियार डीलर डेंगा मूना उर्फ रमेश परिदा कर रहा था, जो महीनों की निगरानी और टोह के बाद पहचाने गए प्रमुख आपूर्ति नेटवर्क का हिस्सा था.
पुरी पुलिस ने बताया, “आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (संगठित अपराध), आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है. पुरी पुलिस ऐसे मॉड्यूल को निष्क्रिय करने और पुरी के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. विशेष टीमें गिरोह के आगे और पीछे के संबंधों को ट्रैक करने में जुटी हैं. तस्करी ऑपरेशन से संबंधित पूरे नेटवर्क की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है.”
इन्हें भी पढ़ें:
- मार्च में प्रवासी छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव : रायपुर में जुटेंगे विभिन्न देशों में बसे छत्तीसगढ़ के रहवासी, NACHA के सहयोग से होगा आयोजन
- U19 World Cup Semifinal 2026: भारत ने अफगानिस्तान को चटाई धूल, 10वीं बार अंडर-19 वनडे विश्व कप के फाइनल में किया प्रवेश, एरॉन जॉर्ज ने जड़ा शतक, अब इंग्लैंड से होगी खिताबी भिड़ंत
- बिहार में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, हॉस्टल-लॉज में अब कोई भी पुरुष नहीं, 24 घंटे महिला वार्डन तैनात
- मुख्य सचिव ने कैंसर चिकित्सालय का किया निरीक्षण, कहा- एक ही छत के नीचे मिलेगी हर स्वास्थ्य सुविधा
- Bastar Pandum 2026: विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, आदिवासी संस्कृति के इस महाकुंभ में 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने कराया पंजीयन


