ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय नौकरी गिरोह में कथित संलिप्तता के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बिहार निवासी गौतम कुमार के रुप में हुई है।
गौतम को 11 दिसंबर को नयी दिल्ली के रोहिणी से गिरफ्तार किया गया था और राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद उसे ओडिशा लाया गया था। ईओडब्ल्यू अधिकारी सोमवार को उसे कटक की एक विशेष अदालत में पेश करने वाले हैं।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में तीन अन्य आरोपियों–धर्मपाल सिंह, अमित सिंह और जयराम तिवारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। दिसंबर 2022 में ‘ग्रामीण रोजगार कल्याण संस्थान (जीआरकेएस)’ नामक एक फर्जी संगठन द्वारा एक स्थानीय दैनिक समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित किये जाने के बाद ईओडब्ल्यू ने इस विषय का स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी।
जांचकर्ताओं के अनुसार, विज्ञापन में जिला और प्रखंड समन्वयक, कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रखंड सर्वेक्षणकर्ता जैसे विभिन्न पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें प्रत्येक पद के लिए शैक्षणिक योग्यता और वेतन का उल्लेख किया गया था।

अधिकारी ने बताया कि संगठन ने अपनी वेबसाइट के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए 170 रुपये और सामान्य श्रेणी के आवेदकों के लिए 320 रुपये का आवेदन शुल्क लिया गया था। उन्होंने बताया कि अब तक जीआरकेएस खाते में लगभग 3.48 करोड़ रुपये होने का पता चल जा चुका है।
पुलिस ने बताया कि गौतम कुमार को संगठन में कौशल विकासकर्ता के रूप में पेश किया गया था तथा उसे जीआरकेएस खाते से 69.20 लाख रुपये मिले थे।
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