भुवनेश्वर: ओडिशा ने निवास में एक भव्य राज्य-स्तरीय समारोह ‘पखाल परब’ के साथ विश्व पखाल दिवस मनाया, जहाँ मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने हज़ारों लोगों के साथ मिलकर इस पारंपरिक व्यंजन का सम्मान किया।

पर्यटन विभाग ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लक्ष्य के साथ, 850 किलोग्राम चावल का उपयोग करके 1,177 किलोग्राम पखाल तैयार किया। यह व्यंजन वंचित समुदायों के 2,000 से अधिक लोगों के बीच वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पखाल केवल भोजन नहीं है, बल्कि ओडिशा की संस्कृति और परंपरा का एक अभिन्न अंग है।

माझी ने पखाल से जुड़ी अपनी बचपन की यादों को ताज़ा किया और जगन्नाथ मंदिर की रस्मों में इसके महत्व को रेखांकित किया, जहाँ इसे “टंक तोरानी” के रूप में चढ़ाया जाता है। उन्होंने पखाल को एक ‘ज़ीरो-वेस्ट’ (शून्य-अपशिष्ट) भोजन बताया, जिसमें प्रोबायोटिक गुण होते हैं जो स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि यह उत्सव दुनिया भर के ओडिया लोगों को एकजुट करता है और उन्हें उनकी जड़ों से जोड़ता है।

मुख्यमंत्री ने इंडोनेशिया, मलेशिया, बहरीन, सिंगापुर और भारत के 15 राज्यों में रहने वाले ओडिया समुदायों के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत की। उन्होंने उन रसोइयों को सम्मानित किया जो वैश्विक स्तर पर ओडिया व्यंजनों को बढ़ावा दे रहे हैं। इस कार्यक्रम में ओडिया व्यंजनों की 326 किस्मों को भी प्रदर्शित किया गया, जिससे सांस्कृतिक भव्यता और बढ़ गई।

इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें ओडिशा विधानसभा की अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, उपाध्यक्ष भवानी शंकर भोई, उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव, उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा, वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया, राज्यसभा सांसद मनमोहन सामल, एकाम्र के विधायक बाबू सिंह और मुख्य सचिव अनु गर्ग शामिल थे। इनके साथ-साथ, कई विधायक और विशेष अतिथि भी इस समारोह में शामिल हुए।