भुवनेश्वर: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ज़ोर देकर कहा है कि राज्य सरकार पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी नागरिकों से धैर्य रखने और घबराहट में खरीदारी (panic buying) न करने की अपील की है, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

मुख्यमंत्री माझी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई एक वर्चुअल बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में उन सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों (जहाँ चुनाव नहीं होने वाले हैं) और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी संकट प्रबंधन के प्रभावी उपायों पर विचार-विमर्श करने के लिए इस बैठक में मौजूद थे।

शनिवार को ‘X’ (ट्विटर) पर एक पोस्ट में माझी ने कहा कि राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि हर नागरिक तक सही जानकारी पहुँचे और ज़रूरी चीज़ों की उपलब्धता बिना किसी रुकावट के बनी रहे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जमाखोरी या कालाबाज़ारी की किसी भी घटना को सख्ती से रोकने के लिए भी उपाय शुरू किए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘टीम इंडिया’ इन चुनौतियों से पार पा लेगी। उन्होंने आर्थिक स्थिरता, कृषि क्षेत्र में पहले से की गई योजना और शिपिंग व ज़रूरी चीज़ों की आपूर्ति के लिए सीमावर्ती और तटीय राज्यों पर विशेष ध्यान देने पर ज़ोर दिया।

मुख्यमंत्री ने पेट्रोलियम पर उत्पाद शुल्क (excise duty) में केंद्र सरकार द्वारा की गई समय पर कटौती की सराहना की। उन्होंने इसे एक दूरदर्शी कदम बताया, जो नागरिकों को प्राथमिकता देता है और ‘राष्ट्र प्रथम’ (Nation First) के सिद्धांत को बनाए रखता है। उन्होंने आगे कहा, “ऐसे समय में जब वैश्विक उथल-पुथल दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर लगातार दबाव डाल रही है, प्रधानमंत्री का सक्रिय नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार जुड़ाव हमेशा भारत की स्थिति को मज़बूत करता आया है, जिससे स्थिरता भी सुनिश्चित होती है और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की सुरक्षा भी होती है।”