नई दिल्ली: ओडिशा के तीन नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्यों ने सोमवार को सभापति सीपी राधाकृष्णन की उपस्थिति में शपथ ली। इस समारोह में भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रमुख मनमोहन सामल, बीजद के संतृप्त मिश्रा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय ने शपथ ग्रहण की; इन सभी ने अपनी शपथ ओडिया भाषा में लेने का विकल्प चुना।

चौथे सदस्य, मौजूदा सांसद सुजीत कुमार, इस समारोह में शामिल नहीं हो सके क्योंकि वे चुनाव वाले राज्यों में चुनावी गतिविधियों में व्यस्त थे।

ओडिशा के राज्यसभा चुनावों ने तब सबका ध्यान खींचा, जब भाजपा ने चार में से तीन सीटों पर जीत हासिल की, जिसमें एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर राय की जीत भी शामिल थी। इन चुनावी नतीजों की एक खास बात ‘क्रॉस-वोटिंग’ रही; खबरों के मुताबिक, कम से कम 11 बीजद और कांग्रेस विधायकों ने राय का समर्थन किया, जिसके बाद विपक्षी दलों ने “हॉर्स ट्रेडिंग” (खरीद-फरोख्त) के आरोप लगाए।

चुनाव हारने वाले एकमात्र उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता थे, जो बीजद समर्थित साझा उम्मीदवार थे और जिन्हें कांग्रेस तथा CPI(M) का समर्थन प्राप्त था।

शपथ ग्रहण समारोह के बाद सभापति राधाकृष्णन ने नए सदस्यों का स्वागत किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि ओडिशा की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि भाजपा ने उच्च सदन (राज्यसभा) में अपनी स्थिति और मज़बूत कर ली है।