रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली के खंभों पर लगे वितरण बॉक्सों के खुले रहने से आम जनता और पशुओं की जान पर गंभीर खतरा बना हुआ है। प्रदेश के कई इलाकों में सैकड़ों वितरण बॉक्स खुले पड़े हैं, जिनसे करंट लगने, सड़क दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान की आशंका लगातार बढ़ रही है।
इस गंभीर मुद्दे को लेकर रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने 24 नवंबर को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के कार्यपालक निदेशक (संचालन एवं संधारण) को आवश्यक कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
आदेश के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
आयोग के आदेश को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रदेशभर में अब भी बड़ी संख्या में वितरण बॉक्स खुले हैं। बिजली कंपनी की ओर से न तो इन्हें बंद करने के लिए कोई व्यापक अभियान चलाया गया है और न ही आयोग को कोई जवाब या रिपोर्ट सौंपी गई है।

चोरी और लापरवाही से बढ़ रहा खतरा : सिंघवी
नितिन सिंघवी ने बताया कि कई वितरण बॉक्सों के दरवाजे चोरी हो चुके हैं, जबकि कई मामलों में बिजली कंपनी के कर्मचारी मरम्मत या रखरखाव के बाद बॉक्सों को बंद करना भूल जाते हैं या लापरवाही बरतते हैं। खुले बॉक्स बारिश के मौसम में और भी अधिक खतरनाक साबित हो सकते हैं, जिससे करंट फैलने और जानलेवा हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
प्रदेशव्यापी अभियान की मांग
सिंघवी ने मांग की है कि पूरे प्रदेश में तत्काल स्तर पर विशेष अभियान चलाकर सभी खुले वितरण बॉक्सों को सुरक्षित रूप से बंद किया जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त निर्देश जारी किए जाएं।
नियामक आदेशों की अवहेलना पर उठे सवाल
सिंघवी ने कहा, यह मामला न केवल बिजली वितरण कंपनी की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि नियामक आयोग के आदेशों की अनदेखी पर भी सवाल खड़े करता है। आमजन की सुरक्षा को देखते हुए अब बिजली कंपनी को तत्काल ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता है।



