भुवनेश्वर। ओडिशा को एक सुरक्षित डिजिटल राज्य बनाने की दिशा में ओडिशा पुलिस ने पूरे राज्य में “ऑपरेशन साइबर कवच” नाम से एक खास ड्राइव शुरू की है। DGP योगेश बहादुर खुरानिया ने 11 फरवरी को इस अभियान की घोषणा की थी, जो 27 फरवरी तक चलेगा। इसका फोकस बेनामी (म्यूल) बैंक अकाउंट, फर्जी सिम कार्ड और ऑर्गनाइज्ड साइबर फ्रॉड नेटवर्क को खत्म करना है।


लॉन्च के कुछ ही दिनों में बलांगीर जिले की पुलिस को पहली बड़ी कामयाबी मिली। अधिकारियों ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने मासूम लोगों के नाम पर कई बैंक अकाउंट खुलवाकर 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम निकाली थी। इस मामले में दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 29 पासबुक, 15 चेकबुक, एक स्वाइप मशीन और कई मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
मयूरभंज ज़िले में भी साइबर फ्रॉड में म्यूल अकाउंट के इस्तेमाल से जुड़ा मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान कर ली है। नोटिस जारी किए गए हैं और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के लिए जांच जारी है।
यह ऑपरेशन केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) से मिली इंटेलिजेंस और डेटा के आधार पर चलाया जा रहा है। हर ज़िले में पुलिस अधीक्षक के अधीन और ट्विन सिटी कमिश्नरेट में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के अधीन विशेष टास्क फोर्स गठित की गई हैं।
14 दिन की इस ड्राइव के दौरान प्लान किए गए मुख्य कामों में शामिल हैं
नकली पहचान के डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके बल्क सिम कार्ड बेचने वाले ऑपरेटरों की पहचान और गिरफ्तारी
साइबर क्रिमिनल्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ATM और चेक-विड्रॉल हॉटस्पॉट की मैपिंग और कड़ी निगरानी
संदिग्ध अकाउंट्स की जांच के लिए बैंकों के साथ करीबी तालमेल
DGP की आम नागरिकों से अपील
DGP खुरानिया ने लोगों से अपील की है कि “किसी भी लालच में न आएं। कभी भी अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स, ATM कार्ड, OTP, या कोई भी गोपनीय जानकारी अजनबियों के साथ शेयर न करें।” उन्होंने आगे कहा कि “ऑपरेशन साइबर कवच” के ज़रिए, ओडिशा पुलिस एक सुरक्षित और साइबर-अवेयर ओडिशा बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
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