अतीश दीपंकर, भागलपुर। जिले के कहलगांव अनुमंडल स्थित पीरपैंती प्रखंड में अदानी पावर प्लांट परियोजना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है। प्रखंड के हरिनकोल पहाड़िया टोला और संथाली टोला के ग्रामीणों ने पुनर्वास और कब्रिस्तान की व्यवस्था की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि, उनकी जमीन अदानी पावर प्लांट परियोजना में अधिग्रहित हो चुकी है, जिसके कारण सैकड़ों परिवार बेघर होने के कगार पर पहुंच गए हैं।

बुनियादी सुविधाओं की कोई व्यवस्था नहीं

ग्रामीणों के अनुसार परियोजना से सबसे अधिक प्रभावित इन्हीं दोनों टोले के लोग हैं, लेकिन अब तक पुनर्वास, रहने की व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि घर और जमीन जाने के बाद उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी। साथ ही छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर भी अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

ग्रामीणों ने बताया कि, वर्तमान में उनके पास न तो रहने के लिए पक्का घर है, न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था और न ही बच्चों की शिक्षा के लिए उचित सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अदानी पावर प्लांट के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। साथ ही जब तक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होती, तब तक अधिग्रहित जमीन खाली नहीं करने की भी चेतावनी दी है।

घर खाली करने का दिया जा रहा निर्देश

ग्रामीण रामदेव पहाड़िया, संतोषी हेमरबन, डब्लू मुर्मू और बज्जी मुर्मू सहित अन्य लोगों ने बताया कि, उनका घर अदानी पावर प्लांट परियोजना में चला गया है और उन्हें बार-बार घर खाली करने को कहा जाता है। उनका कहना है कि, वे भूमिहीन हैं और उनके पास रहने के लिए कहीं और जमीन नहीं है। कई अधिकारियों ने पहले आश्वासन दिया था कि घर बनाने के लिए जमीन और कब्रिस्तान की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन अब तक घरों की गिनती तक नहीं की गई है।

विधायक ने उठाया था विधानसभा में मुद्दा

इस बीच रविवार को समाजसेवी रंजीत पासवान ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने दोनों समुदाय के लोगों को आश्वासन दिया कि, उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन तक पहुंचाया जाएगा तथा पुनर्वास की दिशा में हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि, इस मुद्दे को विधायक मुरारी पासवान ने विधानसभा में उठाया है, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो पाई है।

फिलहाल ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक पुनर्वास, घर बनाने के लिए जमीन, पीने का पानी और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक वे अपनी जमीन खाली नहीं करेंगे और जरूरत पड़ने पर अदानी पावर प्लांट के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।

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