अविनाश श्रीवास्तव/रोहतास। जिले में इस बार धान की अधिक पैदावार हुई है, लेकिन सरकारी धीमी खरीद व्यवस्था की सुस्ती किसानों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। इस वर्ष जिले के लिए धान खरीद का लक्ष्य 3 लाख 14 हजार मीट्रिक टन तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 90 हजार मीट्रिक टन कम है। दो महीने बीत जाने के बाद भी अब तक केवल 27% यानी करीब 85 हजार मीट्रिक टन धान ही खरीदा जा सका है, जो 11 हजार किसानों से प्राप्त हुआ है। फिलहाल जिले के 240 क्रय केंद्रों के माध्यम से खरीद प्रक्रिया चलाई जा रही है।

किसान खुले बाजार में बेचने को मजबूर

किसानों का कहना है कि पैदावार अधिक होने के बावजूद लक्ष्य घटा देने से सरकारी खरीद में शामिल होना कठिन हो गया है। परिणामस्वरूप कई किसान मजबूरी में खुले बाजार में धान बेच रहे हैं, जहां उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम मिल रहा है।

विभाग ने लक्ष्य बढ़ाने का भेजा प्रस्ताव

इस मामले पर जिला सहकारिता पदाधिकारी नयन प्रकाश ने स्वीकार किया कि लक्ष्य कम होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि रोहतास के लिए धान खरीद लक्ष्य बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों की उपज खरीदी जा सके।