टुकेश्वर लोधी, आरंग। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का सीजन अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन रायपुर जिले के आरंग अंतर्गत आने वाले प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति भिलाई के धान खरीदी केंद्र से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। खरीदी केंद्र की दैनिक लिमिट कम होने के कारण क्षेत्र के 54 किसान अपना धान बेचने से वंचित रह सकते हैं। अगर प्रशासन ने समय रहते खरीदी की लिमिट या तारीख नहीं बढ़ाई, तो किसानों का लगभग 4600 क्विंटल धान घर में या खलिहान में पड़ा रह जाएगा।

समिति से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भिलाई समिति में कुल धान का रकबा 958.82 हेक्टेयर है। इस रकबे के आधार पर यहां लगभग 49,700 क्विंटल धान की आवक संभावित है। वर्तमान में समिति की दैनिक खरीदी लिमिट मात्र 1000 क्विंटल निर्धारित है।

समिति के पास 30 जनवरी (खरीदी की अंतिम तिथि) तक के सभी टोकन कट चुके हैं और लिमिट पूरी तरह लॉक हो चुकी है। कम दैनिक लिमिट की वजह से 30 जनवरी तक शेष बचे 54 किसानों का नंबर आना तकनीकी रूप से असंभव हो गया है।

समिति प्रबंधन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाथ खड़े कर दिए हैं। समिति द्वारा कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा में दैनिक लिमिट बढ़ाने के लिए औपचारिक आवेदन भी दिया जा चुका है। किसानों और समिति का तर्क है कि यदि प्रतिदिन की खरीदी क्षमता (लिमिट) को नहीं बढ़ाया गया, तो बड़ी मात्रा में धान बिकने से रह जाएगा, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

इधर किसानों में शासन-प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस सीजन में धान खरीदी के नियमों में लगातार हो रहे बदलावों से किसान पहले ही परेशान हैं। लिमिट फुल होने से धान बेचने से वंचित किसानों को अपनी उपज कौड़ियों के दाम बिचौलियों को बेचने का डर सता रहा है।

हम भारी कर्ज में डूब जाएंगे – किसान

किसानों का कहना है कि हमने साल भर मेहनत की है, लेकिन अब जब फसल बेचने की बारी आई है, तो सिस्टम की कमी के कारण हमें वापस लौटाया जा रहा है। अगर 30 जनवरी तक हमारी उपज नहीं खरीदी गई, तो हम भारी कर्ज में डूब जाएंगे।

टोकन काटने की लिमिट समाप्त – समिति प्रबंधक

भिलाई धान खरीदी केंद्र के समिति प्रबंधक चंद्रकांत साहू ने लल्लूराम डॉट कॉम के संवाददाता को बताया कि वर्तमान में समिति द्वारा 30 जनवरी तक के टोकन काटे जा चुके हैं और खरीदी की लिमिट पूरी हो चुकी है। अभी 54 किसानों का धान खरीदी के लिए टोकन काटना बाकी है, लेकिन समिति के पास फिलहाल लिमिट समाप्त हो गई है। लिमिट बढ़ाने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा और जिला सहकारी बैंक में आवेदन दिया जा चुका है। जैसे ही शासन-प्रशासन से लिमिट बढ़ाने का आदेश प्राप्त होगा, 54 किसानों को टोकन का वितरण कर दिया जाएगा।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इन 54 किसानों की मेहनत को बचाने के लिए क्या कदम उठाता है।