ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने जिस JF-17 थंडर फाइटर जेट को मार गिराया था. उसे पाकिस्तान अब सऊदी अरब को देने की कोशिश कर रहा है. दोनों के बीच एक बड़ी रक्षा डील पर बातचीत चल रही है. सऊदी अरब के करीब 2 अरब डॉलर के लोन को पाकिस्तान JF-17 थंडर फाइटर जेट्स की सप्लाई में बदल सकता है. यह डील कुल 4 अरब डॉलर की हो सकती है. यह दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने का कदम है, खासकर पिछले साल सितंबर 2025 में साइन हुए म्यूचुअल डिफेंस पैक्ट के बाद.
बता दें कि, JF-17 थंडर जेट्स, जो पाकिस्तान और चीन ने मिलकर बनाया है. पाकिस्तान में प्रोड्यूस होता है. जनवरी 2026 में पाकिस्तान के एयर चीफ जैर अहमद बाबर सिद्हू सऊदी अरब गए थे, जहां दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग पर बात हुई. अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्हें ऐसी डील की जानकारी नहीं है.
JF-17 थंडर जेट क्या है?
JF-17 थंडर एक लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (हल्का लड़ाकू विमान) है. इसे पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) और चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन ने मिलकर बनाया है. मल्टीरोल (हमला, डिफेंस, रेकी सब कर सकता है). ब्लॉक-3 वर्जन में AESA रडार, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और लंबी दूरी की मिसाइलें हैं. पश्चिमी जेट्स (जैसे F-16) से बहुत सस्ता यह एयरक्राफ्ट है, करीब 50-60 मिलियन डॉलर प्रति जेट. युद्ध में टेस्टेड (पाकिस्तान ने मई 2025 के भारत संघर्ष में इस्तेमाल किया) और सस्ता होने से कई देशों में लोकप्रिय भी है.
पाकिस्तान इसे निर्यात कर रहा है
हाल ही में लीबिया को 4 अरब डॉलर की डील (JF-17 सहित) और बांग्लादेश से बातचीत चल रही है. रिटायर्ड एयर मार्शल आमिर मसूद ने कहा कि पाकिस्तान 6 देशों से JF-17 और संबंधित उपकरणों की डील कर रहा है या फाइनल कर चुका है, जिसमें सऊदी भी शामिल है.
डील का कारण ?
पाकिस्तान के लिए आर्थिक संकट
पाकिस्तान IMF के 7 अरब डॉलर प्रोग्राम पर है (24वां बेलआउट). 2023 में डिफॉल्ट (कर्ज न चुकाने की स्थिति) से बचने के लिए सऊदी और अन्य गल्फ देशों की मदद ली थी. लोन चुकाने की बजाय जेट्स देकर कर्ज माफ करवाना आसान कदम साबित होगा. इससे पाकिस्तान की डिफेंस इंडस्ट्री को बूस्ट मिलेगा और निर्यात से कमाई होगी. पाकिस्तान अपनी डिफेंस इंडस्ट्री से अर्थव्यवस्था मजबूत करना चाहता है.
सऊदी अरब के लिए फायदे का सौदा
मिडिल ईस्ट में अनिश्चितता (अमेरिका की कमिटमेंट पर शक, इजरायल-हमास संघर्ष). सऊदी अपनी सिक्योरिटी पार्टनरशिप डाइवर्सिफाई कर रहा है. JF-17 पश्चिमी जेट्स से सस्ता और कॉम्बैट प्रूव्ड. सऊदी को हाई-लो मिक्स फोर्स (महंगे और सस्ते जेट्स का मिश्रण) चाहिए. सितंबर 2025 में साइन हुआ स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट (SMDA). इसमें एक देश पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा. यह पैक्ट इजरायल के दोहा (कतर) हमलों के बाद साइन हुआ, जिसने गल्फ क्षेत्र को हिला दिया.
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