शुभम नांदेकर, पांढुर्णा। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस घटना की सूचना बिनी किसी को दिए उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। यह अंतिम संस्कार किसी और ने नहीं बल्कि उसकी दूसरी पत्नी ने ही किया। इतना ही नहीं मृतक की पहली पत्नी को इसकी कानों कान खबर तक नहीं लगी।
दरअसल, पांढुर्णा के गुरुनानक वार्ड स्थित खेत में करंट की चपेट में आने से किसान राठु हिंगवे (58) की दर्दनाक मौत हो गई। राठु हिंगवे, जो जवाहर वार्ड ग्यारह खोली निवासी थे, खेती कार्य कर रहे थे तभी अचानक करंट लग गया। परिजनों को सूचना मिलने पर उन्हें प्राइवेट एम्बुलेंस से घर लाया गया। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बिना पुलिस को सूचना दिए, मृतक की दूसरी पत्नी (निवासी जवाहर वार्ड) ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया! इस दौरान मृतक की पहली पत्नी को इसकी जानकारी नहीं दी गई।
पुलिस ने क्यों नहीं लिया त्वरित संज्ञान ?
इस मामले की जानकारी पांढुर्णा पुलिस प्रेस ग्रुप पर क्राइम रिपोर्टर की ओर से वायरल की गई थी कि “करंट से मौत हुई है और बिना पीएम (पोस्टमार्टम) के अंतिम संस्कार कर दिया गया।” इसके बावजूद पुलिस ने तुरंत संज्ञान नहीं लिया और मामले को टालने की कोशिश की।
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थाना प्रभारी अजय मरकाम ने बताया कि मृतक की दो पत्नियां थीं। पहली पत्नी, दामाद और बेटे ने बयान दर्ज कराया है कि वे किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं चाहते। लेकिन अगर दूसरी पत्नी या अन्य परिजन शिकायत करते हैं, तो मामला दर्ज किया जा सकता है।

नगर पालिका में उठा सवाल
शुक्रवार दोपहर मृतक के परिजन जवाहर वार्ड पार्षद के साथ नगर पालिका पहुंचे और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन फॉर्म लिया। जन्म-मृत्यु पंजीयन कर्मचारियों ने उनसे FIR की कॉपी मांगी और कहा कि उसके बिना पंजीयन संभव नहीं है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब करंट से मौत की पुष्टि परिजनों ने खुद दी, तो पुलिस ने तत्काल FIR और पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया ?
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शासन की सहायता राशि से वंचित होंगे परिजन
मध्यप्रदेश सरकार आकस्मिक दुर्घटना में मौत होने पर 4 लाख की आर्थिक सहायता देती है। लेकिन इस मामले में एफआईआर और पोस्टमार्टम न होने से परिजन इस सहायता राशि से वंचित रह जाएंगे। साथ ही यदि मृतक का बीमा भी है, तो उसका दावा भी खारिज हो सकता है क्योंकि बिना FIR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बीमा कंपनियां क्लेम नहीं देतीं।
SDOP ने कही ये बात
पांढुर्णा एसडीओपी ब्रिजेश भार्गव का कहना है कि बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार की अनुमति कैसे मिली ? घटना की सूचना पुलिस को न देने वाले परिजनों पर कार्रवाई हो सकती है। वहीं उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की बात कही है।

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