जुबैर अंसारी/सुपौल। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ बिहार में सियासी पारा गरमा गया है। रविवार की शाम सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज और छातापुर में सांसद के समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित समर्थकों ने विशाल मशाल जुलूस निकाला और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया।
राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
प्रदर्शन के दौरान दर्जनों समर्थकों ने बिहार सरकार और पटना पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समर्थकों का सीधा आरोप है कि पप्पू यादव नीट (NEET) की छात्रा के साथ हुए बलात्कार और संदिग्ध मौत के मामले में लगातार न्याय की मांग कर रहे थे। सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध के तहत यह दमनकारी कार्रवाई कर रही है।
कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
मशाल जुलूस को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाय जनता के चुने हुए प्रतिनिधि को निशाना बना रही है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, एक जनप्रतिनिधि को न्याय की आवाज उठाने पर जेल भेजना लोकतंत्र की हत्या है, जिससे आम जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है।
आंदोलनकारियों की तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी है:
सांसद पप्पू यादव को बिना शर्त तत्काल रिहा किया जाए।
नीट छात्रा प्रकरण के असली दोषियों को चिन्हित कर कठोर सजा दी जाए।
पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो।
समर्थकों ने साफ किया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा।
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