पूर्णिया। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने कहा है कि सामाजिक समानता लाने के लिए राजपूत, भूमिहार, कोइरी और कुर्मी समाज को अपनी बेटियों की शादी दलित समुदाय में करनी चाहिए। पप्पू यादव ने इसे जातिगत भेदभाव खत्म करने की दिशा में जरूरी कदम बताया।
आरक्षण की सीमा बढ़ाने की मांग
पप्पू यादव ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने दलितों को 27 प्रतिशत, एससी-एसटी को 17 प्रतिशत और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को मिलाकर कुल 67 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की। उनका कहना है कि देश की आबादी के अनुपात में आरक्षण लागू होना चाहिए।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
पप्पू यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने तंज कसते हुए कहा कि पहले सांसद खुद अपने घर से इस बदलाव की शुरुआत करें, ताकि समाज में सही संदेश जाए। कुछ लोगों ने इसे दिखावटी राजनीति भी बताया।
गिरिराज सिंह को लेकर विवाद
इससे पहले पप्पू यादव ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की तुलना सूअर से कर दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गिरिराज सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए अपमानजनक टिप्पणी की थी। यह बयान गिरिराज सिंह के एक भाषण की प्रतिक्रिया में आया था।

सूअर वाले बयान से बढ़ा विवाद
दरअसल, गिरिराज सिंह ने बेगूसराय में एक सभा के दौरान कहा था कि वे सूअर पालेंगे ताकि एक खास धर्म के लोग आसपास न आएं। इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में विवाद गहराता चला गया और दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई।
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