Bihar News: पीएम मोदी ने कल सोमवार (23 मार्च) को संसद में मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को लेकर अपना संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने देश को सतर्क और तैयार रहने के लिए कहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि, मौजूदा संकट सिर्फ क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि इसके प्रभाव दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर लंबे समय तक पड़ सकते हैं। इसलिए भारत को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा।

हमें तैयार रहने की जरूरत- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि, युद्ध से दुनिया में जो मुश्किल हालात बने हैं, उसका असर लंबे समय तक रह सकता है। देश को एकजुटता के साथ इस चुनौती का सामना करना होगा। हमने कोरोना के समय में एकता के साथ ऐसी चुनौतियों का सामना किया है और अब हमें फिर से तैयार रहने की जरूरत है।

यह एक मजबूत प्रधानमंत्री की भाषा नहीं- पप्पू यादव

संसद में दिए गए पीएम मोदी के संबोधन पर प्रतिक्रियाएं भी आना शुरू हो गई हैं। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री के संबोधन पर कहा कि, प्रधानमंत्री जो बात कह रहे हैं, ये बात बहुत पहले कहने की जरूरत थी। तैयार रहना चाहिए का क्या मतलब है? हमें कोरोना काल की तरह हाथ खड़े कर लेने चाहिए? चारो ओर लोग समस्या का सामना कर रहे हैं। दलालों के हाथों में सब कुछ गिरवी रख चुके हैं। कब तक हम इस देश को दया का पात्र बनाएंगे? कब तक हम कतारों में खड़े रहेंगे? ये एक मजबूत प्रधानमंत्री की भाषा नहीं है।

हर हालत में रुकनी चाहिए जंग- मुकेश सहनी

वहीं, पीएम मोदी के संबोधन पर वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि, यह देर से उठाया गया अच्छा कदम है। हालांकि उन्होंने कहा कि, यह कदम पहले ही उठाया जाना चाहिए था। सहनी ने कहा कि, केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देश आज इस स्थिति में फंसा है। रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती महंगाई से जनता त्रस्त है। वीआईपी प्रमुख ने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। किसी भी हालत में जंग रुकनी चाहिए।

भारत पर पड़ रहा बुरा असर

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब भारत पर भी दिखने लगा है, जिसमें तेल-गैस की कीमतें बढ़ना, महंगाई का खतरा और व्यापारिक मार्ग बाधित होना शामिल है। कच्चा तेल आने में बाधा के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल के और महंगा होने का खतरा बढ़ गया है। अगर हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे, तो देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर सीधा और बुरा असर पड़ सकता है।

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