पटना। ​पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार शाम करीब 6 बजे पटना की बेऊर जेल से रिहा कर दिया गया। कोर्ट ने उन्हें तीन पुराने मामलों में जमानत देते हुए यह शर्त रखी है कि सुनवाई के दौरान उन्हें सशरीर उपस्थित होना होगा। जेल से निकलते ही समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया, लेकिन पप्पू यादव के बोल सरकार और विरोधियों के खिलाफ काफी हमलावर रहे।

​नेताओं की तिकड़ी पर साजिश का आरोप

​पप्पू यादव ने अपनी गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली, बिहार और पूर्णिया के तीन कद्दावर नेताओं ने मिलकर उनके खिलाफ साजिश रची है। उन्होंने कहा, सच बोलना इतना महंगा पड़ेगा, यह मुझे नहीं पता था। जेल में मुझे मरवाने की भी कोशिश की गई। सांसद ने स्पष्ट किया कि प्रशासन के कुछ चुनिंदा लोग सत्ता के दबाव में काम कर रहे हैं।

​खेमका हत्याकांड और NEET छात्रा का मुद्दा

​सांसद ने कारोबारी खेमका हत्याकांड में हुए एनकाउंटर को फर्जी करार दिया। उन्होंने दावा किया कि निर्दोष बच्चों को सुबह 4 बजे निकालकर गोली मारी गई और इसके सबूत उनके पास हैं। इसके अलावा, उन्होंने NEET परीक्षा से जुड़ी छात्रा और फुलवारीशरीफ की मृतका पिंकी कुमारी के न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ने का संकल्प दोहराया।

​ 31 साल पुराने मामले में हुई थी गिरफ्तारी

​पप्पू यादव को 6 फरवरी को एक 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि उस केस में बेल मिल गई थी, लेकिन पुलिस ने 2017 और 2019 के दो अन्य मामले जोड़कर उन्हें दोबारा जेल भेज दिया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार उन्हें राहत मिली।