ललित सिंह, राजनांदगांव। परमालकसा से खरसियां तक लगभग 278 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन निर्माण को लेकर जिले के नवागांव, भैया टोला और इंद्रमणि क्षेत्र के किसानों ने आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि वे अपनी जमीन रेल परियोजना के लिए देने को तैयार नहीं हैं।

किसानों का आरोप है कि रेल लाइन के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन इसके लिए किसी भी किसान से पूर्व सूचना या सहमति नहीं ली गई। स्थानीय पटवारी द्वारा गांव की जमीनों का नापजोख किया जा रहा है, जिसमें छोटे किसानों की जमीन प्रभावित हो रही है, जबकि बड़े किसानों और औद्योगिक क्षेत्र की जमीन को छोड़ दिया गया है।

कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित ग्राम पंचायत इंडावनी के सरपंच प्रतिनिधि समीर बंजारे ने कहा, “रेलवे लाइन के लिए नवागांव और बैगा टोला में सर्वे किया जा रहा है। हमें इससे पहले ही कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन देने की जरूरत पड़ी। भूमि माप से पहले किसी भी किसान को सूचना नहीं दी गई, और रेलवे तथा राजस्व विभाग के अधिकारी बिना सहमति के खेतों में खूटा गाड़ रहे हैं।”

किसानों के साथ मौजूद जिला पंचायत सदस्य बनाना देशमुख ने बताया कि नवागांव में 38, बैगा टोला में 114 और इंद्रमणि में 135 किसानों की जमीन इस परियोजना से प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि किसानों के बिना किसी वार्ता या जानकारी के जमीन नापी जा रही है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।

किसानों ने बताया कि यह क्षेत्र पूरी तरह से कृषि पर आधारित है और लोग अपनी आजीविका इसी से चलाते हैं। कई किसान ऐसे हैं जिनकी लगभग पूरी जमीन रेल लाइन निर्माण में प्रभावित होगी, जिससे उनकी जीविका संकट में पड़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भूमि अधिग्रहण के पहले ग्रामीणों की अनुमति और सहमति ली जाए और परियोजना को रोककर किसानों के साथ बैठक की जाए।

स्थानीय ग्रामीणों और नेताओं ने संयुक्त रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि परियोजना को तत्काल रोकने की आवश्यकता है और केवल सहमति के बाद ही आगे की कार्यवाही की जानी चाहिए।

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