पटना। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी ने बिहार की सियासत में आग लगा दी है। खड़गे के लिए ‘पागल’ और ‘सठियाया’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल से भड़की बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राजधानी पटना में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस बयान को न केवल अपमानजनक, बल्कि दलित विरोधी और शर्मनाक करार दिया है।

​सदाकत आश्रम में विरोध और पुतला दहन

​राजधानी के सदाकत आश्रम स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा, जहां असम के मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया। इस दौरान भाजपा और असम सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने राष्ट्रीय नेता और दलितों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।

​दलितों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे- राजेश राम

विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, यह अत्यंत दुखद है कि भाजपा के मुख्यमंत्री ने एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है जो दलित समाज का गौरव हैं। खड़गे जी के अपमान से आज पूरे देश का दलित समाज आहत है। यह बयान भाजपा और आरएसएस की दलित विरोधी मानसिकता का प्रमाण है।
​राजेश राम ने आगे कहा कि आज भी देश के कई हिस्सों में दलितों को घोड़ी चढ़ने या मूंछ रखने पर प्रताड़ित किया जाता है और ऐसे में एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का ऐसा बयान आग में घी डालने जैसा है। उन्होंने कहा, हिमंता बिस्वा सरमा जैसे लोग मानसिक विक्षिप्तता का परिचय दे रहे हैं। कोई भी सभ्य समाज ऐसी भाषा को स्वीकार नहीं कर सकता।

​कल पूरे बिहार में होगा व्यापक विरोध

​पटना में हुए इस विरोध के बाद कांग्रेस ने अपने आंदोलन को और धार देने का निर्णय लिया है। राजेश राम ने ऐलान किया कि इस अपमान का बदला लोकतांत्रिक तरीके से लिया जाएगा। शनिवार को बिहार के सभी जिलों में असम के मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा न केवल खड़गे जी, बल्कि पवन खेड़ा जैसे प्रवक्ताओं पर भी व्यक्तिगत और अशोभनीय टिप्पणियां कर लोकतंत्र की मर्यादा को तार-तार कर रही है।