पटना। राजधानी में शनिवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और अमेरिकी नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। जीपीओ गोलंबर के पास आयोजित इस ‘शांति मार्च’ के दौरान कार्यकर्ताओं ने ईरान के खिलाफ युद्ध को तत्काल रोकने और वैश्विक शांति बहाल करने की पुरजोर मांग की।
युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं: शशि यादव
मार्च का नेतृत्व कर रहीं भाकपा-माले की एमएलसी (MLC) शशि यादव ने कहा कि अमेरिका आज पूरी दुनिया को युद्ध की आग में धकेल रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इतिहास गवाह है कि युद्ध से कभी किसी मसले का हल नहीं निकला है। दुनिया की जनता अमन चाहती है, विनाश नहीं। प्रदर्शनकारियों ने ईरान में युद्ध के कारण मासूम बच्चों की हो रही मौतों पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया।
पीएम मोदी अमेरिका के सामने घुटने टेकना बंद करें
शांति मार्च के दौरान केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी तीखे सवाल उठाए गए। शशि यादव ने आरोप लगाया कि भारत सरकार अमेरिकी दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा, हम प्रधानमंत्री मोदी से मांग करते हैं कि वह अमेरिका की दादागिरी के सामने झुकना बंद करें और उसे कड़ा सबक सिखाएं। भारत को अमेरिका की शर्तों पर नहीं चलना चाहिए।
एप्स्टिन फाइल्स से ध्यान भटकाने की साजिश
प्रदर्शनकारियों ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका में ‘एप्स्टिन फाइल्स’ के जरिए जो बड़े खुलासे हुए हैं, उनसे वैश्विक ध्यान भटकाने के लिए अमेरिका जानबूझकर युद्ध का माहौल पैदा कर रहा है। माले नेताओं का कहना है कि इस युद्ध का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर भी पड़ रहा है, जिसे देश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
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