पटना। बाढ़ अनुमंडल स्थित बुढनीचक गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। मैट्रिक परीक्षा में गणित विषय में अनुत्तीर्ण (फेल) होने के सदमे को 15 वर्षीय दिव्यांग छात्रा अंजली कुमारी बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसने मौत को गले लगा लिया। मंगलवार दोपहर हुई इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
गणित में क्रॉस लगने से थी मानसिक तनाव में
मृतक अंजली कुमारी दोनों पैरों से दिव्यांग थी। हाल ही में जारी हुए मैट्रिक के परीक्षा परिणाम में उसे गणित विषय में क्रॉस लगा था। अंजली की बड़ी बहन के अनुसार, रिजल्ट आने के बाद से ही वह काफी उदास और तनाव में रहने लगी थी। हालांकि, उसके पिता ने उसे काफी ढांढस बंधाया था। पिता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा था कि वह भी दो बार फेल होने के बाद सफल हुए थे, इसलिए अंजली को घबराने की जरूरत नहीं है और वह अगले साल फिर मेहनत कर परीक्षा दे सकती है।
बंद कमरे में मिला शव, परिजनों ने तोड़ा दरवाजा
मंगलवार दोपहर, अंजली ने अपने दादाजी को खाना खिलाया और फिर अपने कमरे में जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर जब परिजनों ने दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका होने पर जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंजली बिस्तर पर मृत अवस्था में पाई गई। उसके सुसाइड करने के तरीके को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
पुलिस को नहीं दी गई सूचना
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। ग्रामीणों के अनुसार, परिजनों ने पुलिस को सूचित किए बिना ही एक जुगाड़ गाड़ी से शव को उमानाथ ले जाकर धार्मिक रीति-रिवाजों के बाद गंगा में प्रवाहित कर दिया। बाढ़ थानाध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह ने स्पष्ट किया है कि पुलिस के पास इस मामले की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। मृतका के दादा ने बताया कि अंजली दिव्यांग होने के बावजूद घर के छोटे-मोटे काम कर लेती थी और पढ़ाई में भी सामान्य थी, लेकिन एक असफलता ने उसकी जान ले ली।
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